उत्तर प्रदेश/रामपुर: देर रात अचानक आजम खान(Azam Khan) के समाजवादी पार्टी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई गई। रात 12:00 बजे के बाद हुई इस प्रेस वार्ता के दौरान आजम खान ने कहा कि अखिलेश जी आने वाले हैं, जयंत जी भी आने की सूचना है और चंद्रशेखर आजाद भी आएंगे लेकिन वह क्यों आ रहे हैं जब यहां इलेक्शन हो ही नहीं रहा है। यह कटाक्ष करते हुए आजम खान ने पुलिस पर समाजवादी कार्यकर्ताओं को धमकाने और अत्याचार करने का आरोप लगाया और यहां तक कह डाला कि अखिलेश जी जब आएंगे तो हम उन से आग्रह करेंगे उनसे कि वह इलेक्शन कमीशन से निवेदन करें कि भारतीय जनता पार्टी के कैंडिडेट को जीता हुआ घोषित कर दिया जाए।
आजम खान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा इतनी रात में आपको जहमत दी है उसके लिए माफी चाहूंगा। अखिलेश जी आने वाले हैं ऐसी सूचना है और जयंत चौधरी साहब भी आने वाले हैं ऐसी भी सूचना है और चंद्रशेखर आजाद आने वाले हैं ऐसी भी सूचना है लेकिन सवाल यह है कि यह लोग किस बात के लिए आ रहे हैं क्योंकि चुनाव तो यहां है ही नहीं।
आज़म खान ने कहा कि आज ही तकरीबन 50 घरों के दरवाजे तोड़े हैं, सड़कों से बेगुनाहों को उठाकर ले गए हैं और जिस भाषा का इस्तेमाल किया है उसमें हमारी पत्नी और इस शहर की पूर्व सांसद और पूर्व विधायक को भी उन्होंने नहीं बख्शा है और यह वार्निंग दी है कि अपने घरों में रहो और हमारी पत्नी को भी यह वार्निंग दी है कि निकलना मत बाहर, महिलाओं के साथ ऐसी अमानवता और ऐसा शर्मनाक बर्ताव मेरे ख्याल से कभी भी शोभा नहीं देता। मेरी पत्नी और मेरे अजीज एक बीमार की अयादत के लिए गए थे, वह बहुत बड़ा अपराधी है जिसकी इन्हें बड़ी भयानक तलाश है उसका नाम है तालिब, उसका नाम दर्शाया गया है यूनिवर्सिटी में मशीन की चोरी की बरामदगी में, जिसकी रपट नगरपालिका की तरफ से है और नगर पालिका की तरफ से इस बात का इनकार है कि यह मशीन उनकी नहीं है, उसके घर के दरवाजे तोड़ दिए गए हमारी पत्नी की मौजूदगी में, और दो ढाई सौ बहन बेटियों की इज्जत की रखवाली करने वाली एक बीमार मां के साथ और उनकी अयादत करने वालों के साथ शर्मनाक बर्ताव किया है, मैं नहीं चाहता था कि इन बातों को कहूं क्योंकि मैं बहुत आदी हो गया हूं।
उन्होंने कहा कि रामपुर, पार्लियामेंट के चुनाव में, इन सारे अफसोस नाक हालात को भुगत ही रहा है क्योंकि यह एक मखसूस आबादी का शहर है इसलिए इसके साथ जो भी बर्ताव हो रहा है वो हमें बर्दाश्त करना है और मेरे जैसे को इसलिए कि वोट देने का अधिकार ही खत्म हो गया तो मुझे इस शिकायत में बल नहीं लगता लेकिन अपने कैंडिडेट के लिए, अपने पार्टी के कैंडिडेट के लिए वोट मांगने का अधिकार मेरा अभी बाकी है।
हम इस बात पर विचार कर रहे हैं और हमारे पास वीडियोज़ और फुटेज है, हम उसे आपको एक खास वजह से रिलीज नहीं कर रहे हैं क्योंकि आपको दे देने के बाद अदालतें उसका संज्ञान नहीं लेती। हम इस बात पर विचार कर रहे हैं कि जब अखिलेश यादव जी तशरीफ लाएंगे तो हम यह आग्रह करेंगे उनसे कि वह इलेक्शन कमीशन से यह निवेदन करें कि भारतीय जनता पार्टी के कैंडिडेट को जीता हुआ घोषित कर दिया जाए चुनाव की क्या जरूरत है जब चुनाव हो ही नहीं रहा है और जिस तरह की दहशत है गलियों में, फ्लैग मार्च और खुलेआम यह कहना हमारे पास इसकी भी रिकॉर्डिंग है कि निकलना मत घरों से बाहर और समाजवादी पार्टी को अगर वोट दिया घर खाली करा लिए जाएंगे।
आप साहिबान का बहुत सहयोग रहा है लेकिन यह बहस हो सकती है कि किसको सहयोग रहा है मुझे बड़े अफसोस के साथ कहना पड़ रहा है कि रामपुर की महरूम जनता को अभी तक आपका सहयोग नहीं मिला है । कहीं ना कहीं आप इस शहर के बाशिंदे भी हैं और एक जमीर भी रखते हैं अपना, उसका तगाज़ा है कि अगर पूरी बात ना कह सकें या ना दिखा सके और मेरी बुराइयों को इसलिए नजरअंदाज कर दें क्योंकि मैं तो कैंडिडेट हूं ही नहीं, हो सकता ही नहीं सजायाफ्ता हूं और मेरा वोट देने का हक भी खत्म हो गया है लेकिन एक ऐसा व्यक्ति जो बेदाग है पठान नहीं है, इंसान तो है ही। बेदाग इंसान हैं ।
हमें ना बचाइए लेकिन अपने इन नामों को जिससे आपकी पहचान है आपसे इनकी पहचान है इन नामों को बचाने की थोड़ी सी कोशिश कीजिए यह कटाक्ष नहीं है कोई नसीहत नहीं है सिर्फ एक दर्दमंदाना अपील है आपसे क्योंकि वह बहन बेटियां और माय आप ही की हैं जिनके साथ बहुत अपमानजनक बड़ताओ हुआ है।
- बदायूं: कछला गंगा घाट पर मातम में बदली अंतिम विदाई, चौथे दिन मिला फिरोजाबाद के युवक का शव

- बदायूं: आंधी-तूफान का कहर, ट्यूबवेल की कोठरी पर पेड़ गिरने से महिला की मौत, कई घायल

- उर्दू देश की साझा विरासत, इसके विकास की जिम्मेदारी हम सब पर: डॉ. सैयद अहमद खां

- रामपुर का जलवा: 55 योजनाओं में ‘ए’ ग्रेड पाकर सीएम डैशबोर्ड रैंकिंग में बना प्रदेश का नंबर-1 जिला

- NEET विवाद: “शिक्षा और रोज़गार माफियाओं की जागीर बन गए हैं,” दानिश अली का भाजपा सरकार पर तीखा हमला

- बदायूं: कोर्ट परिसर के गार्ड रूम में कर्मचारी ने लगाया फंदा, मचा हड़कंप

