बॉलीवुड निर्देशक करण जौहर ने अपने बचपन की स्त्रीवत शैली और इसे बदलने के लिए लिए गए कठिन क्लासेस का खुलासा किया। जानिए कैसे उन्होंने मर्दों की तरह चलना और बोलना सीखा।
बॉलीवुड निर्देशक और निर्माता करण जौहर ने हाल ही में अपनी ज़िंदगी से जुड़ा एक दिलचस्प और भावुक खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि बचपन में उनकी चाल और आवाज़ लड़कियों जैसी हुआ करती थी, जिसे बदलने के लिए उन्होंने बाकायदा क्लास ली थी।
करण जौहर ने यह खुलासा एक साक्षात्कार में किया, जहाँ उन्होंने सानिया मिर्जा के शो में अपने जीवन के अनुभवों और एकल अभिभावकत्व जैसे विषयों पर बेबाकी से चर्चा की।
करण ने कहा, “साल 1989 में जब मैं 15 साल का था, उस उम्र में जहाँ ज़्यादातर लड़के खेलकूद में व्यस्त रहते हैं, वहीं मुझे नई चीज़ें सीखने का शौक था। इसलिए मैंने कई तरह के कोर्स किए — आयात-निर्यात से लेकर खाना बनाना, फूलों और फलों की सजावट से जुड़ी कला और फ्रेंच भाषा की पढ़ाई तक।”
करण के मुताबिक, “मुझे स्कूल में भाषण देना और झांकी में हिस्सा लेना बहुत पसंद था। उसी दौरान मेरे पब्लिक स्पीकिंग कोच ने मुझसे कहा कि मैं एक शानदार छात्र हूँ, लेकिन मेरी चाल-ढाल और बोलने का अंदाज़ लड़कियों जैसा है। उन्होंने समझाया कि समाज इसे स्वीकार नहीं करेगा और भविष्य में मुझे मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।”
उन्होंने आगे बताया, “कोच ने मेरी मदद करने की पेशकश की। इसके बाद मैं लगभग तीन साल तक हफ्ते में तीन दिन उनके घर जाकर दो-दो घंटे की क्लास लेने लगा। वहाँ मैंने मर्दों की तरह चलना और बोलना सीखा। इस बारे में मैंने अपने पिता से कुछ नहीं कहा क्योंकि मुझे डर था कि वे सवाल पूछेंगे।”
करण ने बताया, “मेरे पिता को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता था कि मैं कैसे चलता या बात करता हूँ। मैं उनके सामने डांस करता था और वे मुझ पर गर्व करते थे। उस समय मैंने उन्हें कहा कि मैं कंप्यूटर क्लास ले रहा हूँ और उसी बहाने से कोच को फीस देता रहा।”
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