UP International Film City: मनोरंजन जगत का नया ‘पावर हाउस’ बनेगा उत्तर प्रदेश, 2028 तक पूरी होगी योगी सरकार की महायोजना

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लखनऊ/नोएडा | 31 जनवरी, 2026(डॉ. एम अतहर उद्दीन मुन्ने भारती)

उत्तर प्रदेश की आर्थिक और सांस्कृतिक तस्वीर बदलने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ड्रीम प्रोजेक्ट ‘इंटरनेशनल फिल्म सिटी’ अब धरातल पर उतरने को तैयार है। यमुना एक्सप्रेस-वे के किनारे सेक्टर-21 में 1,000 एकड़ में विकसित हो रही यह फिल्म सिटी केवल शूटिंग का ठिकाना नहीं, बल्कि यूपी की अर्थव्यवस्था का नया इंजन बनने जा रही है।

खबर के मुख्य बिंदु (Highlights):

  • डेडलाइन: जून 2028 तक परियोजना को पूर्ण करने का लक्ष्य।
  • लोकेशन: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और यमुना एक्सप्रेस-वे के नजदीक।
  • रोजगार: हजारों युवाओं को एक्टिंग, डायरेक्शन और टेक्निकल फील्ड में मिलेंगे अवसर।
  • सुविधाएं: अत्याधुनिक स्टूडियो, फिल्म यूनिवर्सिटी और पोस्ट-प्रोडक्शन यूनिट्स।

एक ही छत के नीचे पूरा फिल्म इकोसिस्टम

यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने इस प्रोजेक्ट की निगरानी के लिए इंजीनियरिंग और चार्टर्ड अकाउंटेंट फर्मों के चयन हेतु निविदाएं (Tenders) जारी कर दी हैं। इसका सीधा संकेत है कि फिल्म सिटी अब निर्माण के अहम चरण में है। यहाँ अंतरराष्ट्रीय स्तर के शूटिंग फ्लोर, अत्याधुनिक वीएफएक्स (VFX) स्टूडियो और एक समर्पित फिल्म यूनिवर्सिटी होगी, जहाँ स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोफेशनल ट्रेनिंग दी जाएगी।

मुंबई की निर्भरता होगी कम, बढ़ेगा निवेश

अब तक फिल्म निर्माण के लिए उत्तर प्रदेश के कलाकारों और निर्माताओं को मुंबई जैसे शहरों पर निर्भर रहना पड़ता था। इस फिल्म सिटी के बनने से प्री-प्रोडक्शन से लेकर रिलीज तक का सारा काम यूपी में ही संभव होगा। इससे न केवल समय बचेगा, बल्कि लागत में भी कमी आएगी, जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रोडक्शन हाउसों को आकर्षित करेगी।

कनेक्टिविटी: सबसे बड़ा ‘प्लस पॉइंट’

फिल्म सिटी की सफलता के पीछे इसकी भौगोलिक स्थिति सबसे महत्वपूर्ण है:

  1. नोएडा एयरपोर्ट: अंतरराष्ट्रीय फिल्म मेकर्स के लिए सीधी पहुंच।
  2. लॉजिस्टिक्स: दिल्ली-NCR के करीब होने से मैनपावर और संसाधनों की सुलभता।
  3. टूरिज्म: पास में ही बन रहे फिल्म पार्क और होटल्स से फिल्म पर्यटन (Film Tourism) को बढ़ावा मिलेगा।

सांस्कृतिक पहचान और रोजगार का संगम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अनुसार, यह प्रोजेक्ट यूपी की लोक कला और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच प्रदान करेगा। इसके साथ ही, स्थानीय युवाओं को कैमरा संचालन, एडिटिंग, सेट डिजाइनिंग और कॉस्ट्यूम डिजाइनिंग जैसे क्षेत्रों में हजारों की संख्या में प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।

यूपी फिल्म सिटी आने वाले समय में बॉलीवुड के साथ-साथ ग्लोबल सिनेमा के लिए एक बड़े केंद्र के रूप में उभरेगी, जिससे प्रदेश की GDP में भी बड़ा उछाल आने की संभावना है।

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