
केंद्र सरकार ने शनिवार को आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर को तत्काल प्रभाव से भारतीय प्रशासनिक सेवा से हटा दिया है। हालांकि पूजा ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार किया है। पूजा खेडकर ने 5 सितंबर को सुनवाई के दौरान दिल्ली हाई कोर्ट में कहा था कि वह एम्स में अपनी विकलांगता की जांच कराने को तैयार हैं, क्योंकि दिल्ली पुलिस ने दावा किया है कि खेडकर का एक दिव्यांगता प्रमाण पत्र ‘जाली’ और ‘फर्जी’ हो सकता है।
महाराष्ट्र की पूर्व IAS ट्रेनी पूजा खेडकर पर केंद्र सरकार द्वारा एक्शन लिया गया है। एबीपी की न्यूज़ की रिपोर्ट के मुताबिक केंद्र सरकार ने पूजा खेडकर को तत्काल प्रभाव से भारतीय प्रशासनिक सेवा से बर्खास्त कर दिया है। पूजा खेडकर पर यह कार्रवाई आईएएस (प्रोबेशन) नियम, 1995 के तहत की गई है। इससे पहले संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) और दिल्ली पुलिस ने पूर्व आईएएस पूजा खेडकर की अग्रिम जमानत याचिका का विरोध किया था।
क्या हैं आरोप ?
IAS पूजा खेडकर पर ओबीसी आरक्षण और दिव्यांग कोटे का सहारा लेकर संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा देने का आरोप है। आरोप है कि उन्होंने इस संबंध में सभी कागजात भी फर्जी तरीके से बनवाए थे। दिल्ली पुलिस ने पूजा खेडकर पर धोखाधड़ी से सिविल सेवा परीक्षा पास करने के आरोप में केस दर्ज किया था। इससे पहले, कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि पूजा खेडकर की ओर से जमा कराए गए सभी कागजातों की जांच होनी चाहिए। यूपीएससी ने 31 जुलाई को उनकी उम्मीदवारी रद्द कर दी और उन्हें भविष्य की परीक्षाओं में शामिल होने से वंचित कर दिया।
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