पंजाब के फैसलाबाद जिले के जरांवाला शहर में ईशनिंदा की कथित घटना के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे गुस्साए लोगों ने क्रिश्चियन कॉलोनी और ईसा नगरी में ईसाई समुदाय के 4 चर्च, दर्जनों घर, गाड़ियां और सामान जला दिया।
डिप्टी कमिश्नर अली अन्नान क़मर का कहना है कि जरानवाला में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पूरे जिले में धारा 144 लागू कर दी गई है।
कार्यवाहक प्रधान मंत्री अनवारुल हक काकर, पूर्व प्रधान मंत्री शाहबाज शरीफ, पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी, आसिफ अली जरदारी, मरियम नवाज और अन्य ने घटना की कड़ी निंदा की है।
पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार कार्यवाहक प्रधानमंत्री अनवारुल हक काकर ने जरनवाला में अल्पसंख्यकों की संपत्तियों पर हमले की घटना पर संज्ञान लेते हुए आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश जारी किये हैं।
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कार्यवाहक प्रधानमंत्री अनवर उल हक ने घटना की निंदा करते हुए अपने बयान में कहा कि जरनवाला के दृश्यों ने झकझोर दिया है, अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने और कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कानून प्रवर्तन एजेंसियों को जरनवाला घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार करने और उन्हें न्याय के कटघरे में लाने के निर्देश भी जारी किए हैं।
कार्यवाहक प्रधानमंत्री ने अपने बयान में कहा कि उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार सभी पाकिस्तानियों को समान सुरक्षा प्रदान करेगी।
दूसरी ओर, पूर्व प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अपने एक्स (ट्विटर) अकाउंट पर एक संदेश में कहा कि जरनवाला में जो हुआ वह बहुत परेशान करने वाला था, किसी भी धर्म में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है, सभी पूजा स्थल, पवित्र पुस्तकें और हस्तियां विश्वसनीय और पवित्र हैं, हमें उनका सम्मान करना चाहिए।
पूर्व प्रधानमंत्री ने अपने सोशल मीडिया संदेश में सरकार से इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की और सभी विचारधाराओं के विद्वानों से आगे आकर इस कृत्य की निंदा करने की भी अपील की।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सभी धर्मों के लोगों का देश है, यहां इस तरह के पागलपन की इजाजत नहीं दी जा सकती।
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