ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि वह इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को कूटनीतिक प्रयासों को “खत्म” करने की इजाजत न दे। अराघची ने कहा कि अगर वॉशिंगटन ऐसा होने देता है, तो यह उसकी अपनी पसंद होगी, हालांकि ईरान ऐसे नतीजे को “बेवकूफी” मानता है और उसके लिए तैयार है।
क्या कहा अराघची ने
अराघची ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि नेतन्याहू का आपराधिक मुकदमा रविवार को फिर शुरू हो रहा है और पूरे क्षेत्र में, खासकर लेबनान को शामिल करते हुए, सीजफायर उनके “जेल जाने” की प्रक्रिया को तेज कर सकता है । उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका अगर नेतन्याहू को डिप्लोमेसी को पटरी से उतारने देता है, तो यह अंततः उसका अपना फैसला होगा।
लेबनान पर विवाद
रिपोर्टों के मुताबिक ईरान और पाकिस्तान की मध्यस्थता से बने सीजफायर में लेबनान को शामिल माना जा रहा है, लेकिन इजरायल और अमेरिका इस व्याख्या से सहमत नहीं हैं । इसी वजह से सीजफायर के लागू होने के बाद भी लेबनान को लेकर तनाव बना हुआ है।
कूटनीतिक संपर्क
खबरों के मुताबिक अराघची ने गुरुवार को रूसी, फ्रांसीसी, स्पैनिश और जर्मन विदेश मंत्रियों से अलग-अलग फोन पर सीजफायर पर चर्चा की। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से बातचीत में उन्होंने कहा कि ईरान ने जिम्मेदारी से काम किया है और अमेरिकी प्रतिबद्धताओं के पालन पर होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित मार्ग देने की बात कही गई।
- यमन: हौथी विद्रोहियों का बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य पर पूर्ण नियंत्रण का दावा; राष्ट्रपति अलीमी ने जताई वैश्विक व्यापार संकट की आशंका

- ईरान संकट गहराने से कच्चे तेल में बड़ा उछाल: ब्रेंट क्रूड 105 डॉलर के पार, भारत समेत दुनिया भर में बढ़ सकती है महंगाई

- मिस्र: टीवी एंकर सारा खलीफा को ड्रग्स तस्करी मामले में मौत की सजा, अदालत में फूट-फूटकर रोईं

- पीएम मोदी का ‘व्यक्तिगत ध्यान’ भारत-रूस विशेष रणनीतिक साझेदारी को दे रहा मजबूती: व्लादिमीर पुतिन

- एकता और विविधता दोनों ही भारत के डीएनए में बसी हैं: आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत

- प्रधानमंत्री मोदी उज्बेकिस्तान की दो दिवसीय यात्रा पर रवाना; व्यापार, रक्षा और ऊर्जा क्षेत्रों में सहयोग पर रहेगा जोर

- ब्राजील: रियो डी जनेरियो के जंगल में हेलीकॉप्टर क्रैश, जलने से पायलट समेत 4 लोगों की मौत

- सिंधु घाटी सभ्यता पर पाकिस्तान के दावे को भारत ने किया खारिज, कहा— ‘आतंकवाद फैलाने वाला देश सांस्कृतिक विरासत पर हक नहीं जता सकता’

