संसदीय समिति ने अमेरिका और इजरायल की आक्रामकता की निंदा की है। अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने इसके आचरण के कारण इसके साथ सहयोग निलंबित करने संबंधी विधेयक को मंजूरी दे दी है।
ईरानी मीडिया के अनुसार, संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा एवं विदेश नीति समिति के प्रवक्ता इब्राहिम रेजाई ने पुष्टि की कि संसदीय समिति के लंबे सत्र में स्थिति की समीक्षा के बाद विधेयक को मंजूरी दी गई।
प्रवक्ता ने कहा कि विधेयक के पक्ष में 222 वोट डाले गए, किसी ने भी विधेयक के खिलाफ मतदान नहीं किया तथा संसद का केवल एक सदस्य मतदान में शामिल नहीं हुआ, लेकिन इस उपाय को अंतिम मंजूरी ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद द्वारा दी जाएगी।
ईरानी मीडिया के अनुसार, इस विधेयक के तहत परमाणु सुविधाएं आईएईए निरीक्षकों को सुरक्षा गारंटी के बिना प्रवेश से वंचित कर दिया गया है, ईरान अपने परमाणु स्थलों पर कैमरे नहीं लगाएगा, तथा निरीक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संगठन को रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करेगा।
उल्लेखनीय है कि अमेरिका ने ईरान पर तीन प्रतिबंध लगाये हैं। परमाणु सुविधाएं बीटी बमवर्षकों द्वारा फोर्डो, नतांज और इस्फ़हान की सुविधाओं को निशाना बनाया गया।
अमेरिकी हमले के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान की परमाणु क्षमता को नष्ट कर दिया है और ईरान कभी भी परमाणु बम नहीं बना पाएगा। हालांकि, ईरान का दावा है कि उसके पास रिजर्व में यूरेनियम का संवर्धन है।
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