रामपुर: धर्म और नाम छिपाकर की शादी, 4 बच्चों की मां ‘यासमीन’ ऐसे बनी ‘रिया गुप्ता’; दो दिन बाद ही खुली पोल

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रामपुर (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के रामपुर से एक सनसनीखेज धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। यहां एक शादीशुदा मुस्लिम महिला ने अपना धर्म, नाम और पहचान छिपाकर एक हिंदू युवक से सात फेरे ले लिए। खुद को ‘रिया गुप्ता’ बताने वाली इस महिला का असली नाम ‘यासमीन’ निकला, जो पहले से ही शादीशुदा है और चार बच्चों की मां है। शादी के महज दो दिन बाद जब वह घर का कीमती सामान समेटकर भागने की फिराक में थी, तभी पुलिस के सामने उसका यह चौंकाने वाला राज खुल गया। पीड़ित पति की शिकायत पर सिविल लाइंस थाना पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

₹1 लाख में तय हुआ था शादी का सौदा

पीड़ित युवक पुनीत ने बताया कि उसकी शादी नहीं हो पा रही थी। इसी बीच कल्लू और राम सिंह नामक दो बिचौलियों ने उसके परिवार से संपर्क किया और कहा कि उनकी नजर में एक अच्छी लड़की है। इसके एवज में बिचौलियों ने ₹1 लाख की मांग की। पुनीत के परिवार ने रकम दे दी और बीते 11 जून को पूरे हिंदू रीति-रिवाज, हल्दी की रस्म और सात फेरों के साथ पुनीत की शादी ‘रिया गुप्ता’ से करा दी गई। शादी में करीब 25-30 मेहमान भी शामिल हुए थे।

डॉक्टर के बहाने भागने की फिराक, पुलिस बुलाई तो खुद फंसी

शादी के दो दिन तक तो सब ठीक रहा, लेकिन तीसरे दिन महिला ने अचानक तबीयत खराब होने का नाटक किया और डॉक्टर के पास ले जाने की जिद की। इसके बाद वह घर लौटकर सारा कीमती सामान समेटकर भागने की कोशिश करने लगी। जब परिवार ने उसे रोकने की कोशिश की, तो हंगामा खड़ा हो गया। विवाद बढ़ने पर महिला ने खुद ही पुलिस की पीआरवी (112) को फोन करके बुला लिया।

मौके पर पहुंची पुलिस ने जब दोनों पक्षों से पूछताछ की और महिला के दस्तावेजों की जांच की, तो उसके मोबाइल से उसका असली आधार कार्ड मिला। आधार कार्ड देखते ही पुनीत और उसके परिवार के होश उड़ गए, क्योंकि उस पर ‘रिया गुप्ता’ की जगह यासमीन लिखा हुआ था।

बरेली की रहने वाली है यासमीन, पति दिल्ली में करता है काम

रामपुर के अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) अनुराग सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी महिला यासमीन मूल रूप से बरेली के आंवला की रहने वाली है। वह पहले से विवाहित है और उसके चार बच्चे हैं, जबकि उसका पति दिल्ली में मजदूरी करता है।

क्या इलाके में सक्रिय है ‘लुटेरी दुल्हन’ का गैंग?

पुलिस के मुताबिक, प्रथम दृष्टया यह मामला सीधे तौर पर लालच और धोखाधड़ी का है। महिला का मकसद फर्जी शादी रचाकर युवक के घर से पैसे और जेवर समेटकर रफूचक्कर होना था। पूछताछ में सामने आया है कि बिचौलियों और महिला का यह एक संगठित धंधा हो सकता है, जो कुंवारे लड़कों को निशाना बनाते हैं।

पुलिस की कार्रवाई: अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पीड़ित पति पुनीत की तहरीर पर धोखाधड़ी और जालसाजी की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मुख्य आरोपी महिला यासमीन को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेशी के बाद 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। वहीं, शादी कराने वाले बिचौलियों (कल्लू और राम सिंह) के खिलाफ साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और जल्द ही उनकी भी गिरफ्तारी की जाएगी।

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