न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र (UN) ने मध्य पूर्व (Middle East) की मौजूदा स्थिति पर बेहद गंभीर चिंता जताई है। संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि यह क्षेत्र एक बड़े संकट की ओर बढ़ रहा है। हाल ही में हुआ आंशिक युद्धविराम अब बड़े और व्यापक हमलों में तब्दील हो चुका है, जिससे स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।
महासचिव एंटोनियो गुटेरेस की गंभीर चेतावनी
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने बढ़ते तनाव पर गहरा दुख और चिंता व्यक्त की है। उन्होंने सचेत करते हुए कहा:
“मध्य पूर्व की मौजूदा स्थिति का असर सिर्फ इसी क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके विनाशकारी परिणाम पूरी दुनिया को भुगतने पड़ सकते हैं। इसे किसी भी हाल में हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए।”
सीमित झड़पें अब बड़े सैन्य अभियानों में बदलीं
महासचिव ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में तनाव चरम पर पहुंच गया है। पहले जो झड़पें सीमित दायरे में थीं, वे अब बड़े पैमाने पर सैन्य अभियानों का रूप ले चुकी हैं। इस सप्ताह विभिन्न पक्षों की ओर से किए गए भीषण हमलों ने आग में घी का काम किया है।
पूर्ण युद्ध का खतरा, शांति की अपील
गुटेरेस ने चेतावनी दी कि यदि इन हमलों को तुरंत नहीं रोका गया, तो यह स्थिति किसी भी समय एक पूर्ण पैमाने के युद्ध (Full-Scale War) में बदल सकती है। ऐसा होने पर क्षेत्रीय और वैश्विक शांति व स्थिरता पूरी तरह दांव पर लग जाएगी।
संयुक्त राष्ट्र का आह्वान: महासचिव ने संघर्ष में शामिल सभी पक्षों से तुरंत अत्यधिक संयम बरतने की अपील की है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस संकट का एकमात्र समाधान सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि राजनयिक प्रयास (Diplomatic Efforts) और शांतिपूर्ण संवाद हैं।
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