Opinion

“यशभारती सम्मानित संतोष आनंद की त्वरित आर्थिक सहायता के बिना अधूरी है फिल्म सिटी की कल्पना ” – शोएब चौधरी निर्माता एवं निर्देशक

मैं ने यशभारती सम्मान की बंदरबांट के विरुद्ध पहली आवाज़ उठाई थी और माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी से अनुरोध किया था कि...

महत्वाकांक्षाओं से भृष्टाचार तक-सैय्यद मोहम्मद काज़िम

हमारे उत्तर प्रदेश में में एक प्रथा दशकों तक चलन में रही है कि जिस साल स्कूल प्रधानाचार्य रिटार्यड होता था उस साल वह...

” अभिव्यक्ति के नाम पर अश्लीलता और फूहड़ता बंद हो”- शोएब हुसैन चौधरी (फिल्म निर्माता एवं निर्देशक)

'आज़ादी कभी बेलगाम नहीं हो सकती चाहे वह अभिव्यक्ति की आजादी ही क्यों ना हो। इसकी हमेशा कुछ न कुछ सीमा अवश्य होती है।...

क्या वाक़ई भारत में “कुछ ज्यादा ही लोकतंत्र है”? -डॉ. यामीन अंसारी

नीति आयोग के CEO अमिताभ कांत (Amitabh Kant) भले ही मानते हों कि भारत में ‘कुछ ज्यादा ही लोकतंत्र है', पर हमें तो एसा...

शिया-सुन्नी और हिन्दू-मुस्लिम एकता के सूत्रधार थे मौलाना कल्बे सादिक़ साहब

अक्सर सुनने को मिलता है कि एक आलिम की मौत एक आलिम की मौत होती है लेकिन यह बात तब समझ आती है जब...

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