रामपुर: वन माफियाओं के खूनी खेल पर भारी ‘वन रक्षक’, DFO ने खुद संभाला मोर्चा, करोड़ों की खैर लकड़ी बरामद

Date:

रामपुर (उत्तर प्रदेश): तराई के घने जंगलों में जब दुनिया सोती है, तब रामपुर का ‘पीपली वन क्षेत्र’ गोलियों की गड़गड़ाहट और वन तस्करों की आहट से गूंज उठता है। लेकिन अब वन माफियाओं के इस काले साम्राज्य को ढहाने के लिए रामपुर वन विभाग ने आर-पार की जंग छेड़ दी है।

क्राइमतक के अनुसार खुद DFO प्रणव जैन की अगुवाई में वन कर्मियों की टीम ने आधी रात को छापेमारी कर न केवल करोड़ों की लकड़ी बरामद की है, बल्कि तस्करों के आर्थिक नेटवर्क की कमर भी तोड़ दी है।

प्रमुख सफलताएं: आंकड़ों की जुबानी

वन विभाग की हालिया कार्रवाई ने माफियाओं के हौसले पस्त कर दिए हैं:

  • बड़ी जब्ती: हाल ही में 30 क्विंटल बेशकीमती खैर की लकड़ी बरामद की गई।
  • वाहनों पर प्रहार: तस्करी में इस्तेमाल होने वाले 22 चौपहिया वाहन और 7 मोटरसाइकिलें सीज की गईं।
  • गिरफ्तारियां: पिछले कुछ महीनों में 7 कुख्यात तस्करों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है।

क्यों है ‘खैर’ तस्करों के निशाने पर?

DFO प्रणव जैन के अनुसार खैर की लकड़ी की कीमत बाजार में ₹8,000 से ₹10,000 प्रति क्विंटल तक है। इसका मुख्य उपयोग गुटखा और पान मसाला इंडस्ट्री में ‘कत्था’ बनाने के लिए किया जाता है। हरियाणा और अन्य राज्यों की फैक्ट्रियों तक यह लकड़ी सप्लाई की जाती है, जिसे रोकने के लिए अब कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।

“यह इलाका बेहद संवेदनशील है और तस्कर 30-40 के झुंड में हथियारों के साथ आते हैं। हमारे और तस्करों के बीच मुठभेड़ अब आम बात हो गई है, लेकिन हमारा लक्ष्य इन बचे हुए पेड़ों को हर हाल में बचाना है।”प्रणव जैन, डीएफओ, रामपुर

आधुनिक तकनीक से होगी निगरानी

जंगल की सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए वन विभाग ने शासन से आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग की है। इसमें शामिल हैं:

  1. वायरलेस कम्युनिकेशन सिस्टम (ताकि टीम आपस में तुरंत संपर्क कर सके)।
  2. ऊंचे वॉच टावर्स (दूर से ही तस्करों की हरकत देखने के लिए)।
  3. नए असलहे और गाड़ियां (हथियारबंद माफियाओं का मुकाबला करने के लिए)।

पीपली वन क्षेत्र के 13 कंपार्टमेंट्स में से अब केवल कुछ हिस्सों में ही खैर के पेड़ बचे हैं। वन विभाग की यह सक्रियता न केवल पर्यावरण संरक्षण के लिए जरूरी है, बल्कि यह उन अपराधियों के लिए भी सख्त संदेश है जो प्राकृतिक संपदा को लूटकर अपनी जेबें भर रहे हैं।

Share post:

Visual Stories

Popular

More like this
Related

बंगाल चुनाव का पहला चरण: हिंसा और ईवीएम की खराबी के बीच रिकॉर्ड 92% मतदान

कोलकाता | 23 अप्रैल, 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव...

‘ऑपरेशन सिंदूर’ से होगा ‘आतंकिस्तान’ का अंत: पहलगाम हमले की बरसी पर गरजे इंद्रेश कुमार

न भूलेंगे, न छोड़ेंगे: मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने देशभर...

Operation Sindoor to Continue Until ‘Terroristan’ is Eliminated: Indresh Kumar

Muslim Rashtriya Manch Marks Pahalgam Attack Anniversary with Nationwide...

जामिया मिल्लिया इस्लामिया स्कूल का कक्षा 10वीं बोर्ड रिजल्ट घोषित, छात्राएं फिर आगे रहीं

नई दिल्ली, 22 अप्रैल 2026: जामिया मिल्लिया इस्लामिया स्कूल...