हिट एंड रन कानून के नए प्रावधानों को लेकर देशभर में ट्रक ड्राइवरों के विरोध-प्रदर्शन से मंगलवार (2 दिसंबर) को इसका बड़ा असर पेट्रोल-डीजल की सप्लाई पर पड़ा है।
उत्तर प्रदेश/रामपुर(रिज़वान ख़ान): देशभर में केंद्र सरकार के हिट एंड रन कानून के विरोध में ड्राइवर की हड़ताल से मुल्क भारी नुकसान हुआ है। वहीं उत्तर प्रदेश के जनपद रामपुर भौगोलिक स्थिति के मध्य नजर एक खास अहमियत रखता है। यहां से होकर प्रतिदिन बड़ी संख्या में पर्यटक और मालवाहक ट्रक अपनी अपनी मंजिल को तय करते हैं। हड़ताल के चलते एक दुक्का वाहन हाईवे पर नजर आ रहे हैं। इसके अलावा पैट्रोल पंप्स पर दुपहिया और चौपाइयां वाहनों की लंबी-लंबी कतारे देखी जा रहीं है ।
रामपुर जनपद उत्तराखंड की सीमा से सटा है। यही कारण है कि यहां के तीन हाईवे जिनमें एनएच-24,एनएच-87 और देहरादून हाईवे मुकता स्थित है और यहीं से होकर लोग अपने अपने वाहनों के जरिए अपनी मंजिल को तय करते हैं।
केंद्र सरकार द्वारा हिट एंड रन कानून के विरोध में ड्राइवरों ने हड़ताल की हुई थी जिसका नतीजा यह देखने को मिला कि लोगों की जिंदगी में वर्तमान समय में रोजमर्रा की इस्तेमाल की चीज़ों को लेकर लोगों में बेचैनी हो गयी। लोग गाड़ियों में पैट्रोल भरवाने के लिए निकल पड़े जिससे पेट्रोल पम्प पर लंबे-लंबी कतारे लग गयीं। कल अधिकांश पेट्रोल पम्प पर पेट्रोल और डीजल खत्म हो गया। इसी के चलते काफी वाहन चालकों को बैरंग लौटना पड़ा। यहाँ तक कि बाइकर्स भी मायूस नजर आये।
कल ऐसा लग रहा था कि हालात बद से बद्तर होते जायेंगे क्यूंकि पेट्रोल पम्प पर पेट्रोल नहीं है की तख्तियां लगा दी गई थीं जो आज भी लगी हैं। हाइवे अभी भी सूने पड़े हैं।
अगर यही हालात रहे तो आने वाले समय में लोगों की जिंदगी पर इसका बड़ा असर देखने को मिलेता। रोडवेज बसो के संचालन पर खास असर देखा गया। ड्राइवर की हड़ताल के चलते एक ही दिन में विभाग को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
- बांग्लादेश: राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने दिया इस्तीफा, कार्यकाल खत्म होने से दो साल पहले छोड़ा पद

- अल काजी उर्दू अकादमी ने उर्दू साहित्य की हस्तियों को किया सम्मानित, भाषा के विकास पर मंथन

- दहेज की मांग और प्रताड़ना पड़ी भारी: पति को हर महीने ₹20 हजार और ₹3 लाख मुआवजा देने का कोर्ट का आदेश

- जम्मू-कश्मीर जल्द होगा आतंक मुक्त, हालिया हिंसक घटनाएं कायरता की निशानी: इंद्रेश कुमार

- CJP की दो मांगों पर सरकार सहमत, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर मांगा शनिवार तक का समय

- पीएम आवास के बाहर राहुल गांधी के धरने पर वकीलों ने CJI को लिखा पत्र, SC से की स्वतः संज्ञान लेने की मांग

