Globaltoday.in | रईस अहमद | रामपुर
उत्तर प्रदेश के जिला रामपुर में वृद्धावस्था पेंशन से जुड़ा एक बड़ा घोटाला सामने आया है। यहाँ अपने मरे हुए बुज़ुर्गों की पेंशन उनके रिश्तेदार ले रहे थे।
जिला प्रशासन की ओर से किए जा रहे एक सर्वे के आंकड़ों के वेरिफिकेशन के दौरान यह घोटाला पकड़ में आया। जिलाधिकारी आंजनेय कुमार ने घोटाले की जांच के लिए समिति गठित कर दी है।
दरअसल जिलाधिकारी आन्जनेय कुमार सिंह ने जिले में कोरोना संक्रमण के दृष्टिगत वर्चुअल मैपिंग शुरू की थी।
इस मैपिंग का मक़सद कोरोना संक्रमण के दृष्टिगत संवेदनशील जैसे कि गर्भवती स्त्रियां, कुपोषित बच्चे या वृद्धलोगों को खोजना था जो किसी भी तरह की बीमारी से ग्रसित हों।
इसके लिए जब कुछ विभागों से उनके रेडी डाटा उठाए गए और उनका अवलोकन किया गया तो प्रशासन हैरत में पद गया।
एक महीने से चल रही वर्चुअल मैपिंग के दौरान पता चला कि वृद्धावस्था पेंशन ले रहे परिवारों में 186 बुज़ुर्ग ऐसे हैं जिनकी मृत्यु हो चुकी है।
इसके बाद जिलाधिकारी ने पूरे जिले में वृद्धों की स्थिति को जानने के लिए क्रॉस वेरिफिकेशन कराना शुरू कर दिया है, साथ ही ऐसे लोगों पर कानूनी कार्रवाई करने की बात भी कही है। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में 5 सदस्य की जांच कमेटी बनाई है जो अब पूरे जिले के आंकड़ों को खंगाल कर जिलाधिकारी के समक्ष रखेंगे।
जिलाधिकारी का कहना है कि लापरवाही के लिए जिम्मेदार कर्मचारियों पर भी जांच उपरांत कार्रवाई की जाएगी।
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