लखनऊ (डॉ एम अतहर उद्दीन मुन्ने भारती): पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों के लिए राहत भरी खबर है। मुजफ्फरनगर स्थित ‘द गंगा सहकारी चीनी मिल’ (मोरना) के आधुनिकीकरण और विस्तारीकरण का रास्ता अब साफ हो गया है। मिल के कायाकल्प के लिए प्रदेश सरकार द्वारा 261.91 करोड़ रुपये की स्वीकृति दिए जाने पर भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर उनका आभार जताया।
सीएम आवास पर हुई इस मुलाकात के दौरान धर्मेंद्र मलिक ने सरकार के इस फैसले को गन्ना किसानों और चीनी उद्योग के लिए ‘ऐतिहासिक’ करार दिया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय न केवल मोरना क्षेत्र बल्कि पूरे पश्चिमी यूपी की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देगा।
बढ़ेगी मिल की पेराई क्षमता मुलाकात के बाद जानकारी देते हुए भाकियू प्रवक्ता ने बताया कि सरकार की योजना मिल की क्षमता को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाने की है। वर्तमान में स्वीकृत परियोजना के तहत मिल की पेराई क्षमता को 2500 टीसीडी (TCD) से बढ़ाकर पहले चरण में 3500 टीसीडी और भविष्य में 5000 टीसीडी तक ले जाया जाएगा।
किसानों को होगा सीधा लाभ धर्मेंद्र मलिक ने कहा, “262 करोड़ रुपये की इस परियोजना की स्वीकृति यह साबित करती है कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने और समयबद्ध गन्ना भुगतान को लेकर गंभीर है।” उन्होंने बताया कि मिल के आधुनिकीकरण से:
- गन्ना पेराई में तेजी आएगी, जिससे किसानों को मिल पर लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
- समय पर गन्ना भुगतान सुनिश्चित हो सकेगा।
- स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
सरकार की नीतियों की सराहना भाकियू नेता ने मुख्यमंत्री की दूरदर्शी सोच की सराहना करते हुए कहा कि चीनी मिलों का आधुनिकीकरण और सिंचाई सुविधाओं का विस्तार जैसे कदम किसानों के मन में सुरक्षा और विश्वास पैदा करते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि सीएम योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश का गन्ना क्षेत्र और अधिक प्रगति करेगा।
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