अनोखी होली-मतकटों ने भी उत्साहित होकर खेली रंगो की होली

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अनोखी होली-मतकटों ने भी उत्साहित होकर खेली रंगो की होली

मतकटों की होली
मतकटों की होली

ग्लोबाल्टोडे/उत्तर प्रदेश/रामपुर[सऊद खान]: देशभर में होली का पर्व बहुत हर्षोल्लास से मनाया जाता रहा है। जिला रामपुर में भी होली के पर्व पर रंग और अबीर गुलाल के साथ धूमधाम से होली मनाई गयी। इसी क्रम में रामपुर के पुराना गंज क्षेत्र में सत खसमी परिषद द्वारा आयोजित मतकटा सम्मेलन का आयोजन भी किया जाता है, जिसमें लोकगीत नृत्य कविताएं पहेलियां नाटक और शायरी जैसी मनमोहक प्रस्तुतियां होती हैं। इस मौके पर लोग नाचते-झूमते हुए एक अनोखी मत कटे दूल्हे की बारात निकालते हैं । जिसमें दूल्हा हाथ में झाड़ू लेकर अपनी अजीबोगरीब हरकतों से देखने वालों को आकर्षित करता है और बरात में शामिल बाराती होली के इस मौके पर सराबोर होकर नाचते गाते हैं।
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जिला रामपुर में रंगों से लबरेज यह दुल्हा अपनी दुल्हन को लेने के लिए जा रहा है। दुल्हा और बाराती खुशी के मारे झूमते गाते बारात लेकर चलते हैं। दरअसल यह सीन है जिला रामपुर के होली के मौके पर निकाली गई सात खसमों यानी सात दुल्हेां वाली बारात। सात खसम एक से एक हटैला यानी मनमौजी। अब देखना है कि दुल्हन किसे पसंद करे। जिले में वर्ष 1962 से मन्दिर से मतकटा सम्मेलन का आयोजन किया जाता है। जिसमें गीत, नृत्य, कवितायें, अंताक्षरी, पहेलियां, नाटक, शायरी और इस प्रकार के कई आयोजन होते हैं। सम्मेलन देखकर दर्शक हंसते हंसते पेट पकड़कर लोटने-पोटने को मजबूर हो जाते हैं। इसी कड़ी का सबसे मुख्य आकर्षण होती है सतखसमी बारात जो मन्दिर से निकलकर शहर के मुख्य मार्गो से होती हुई वापिस मन्दिर लौटकर आती है। इस दौरान बच्चे, बूढ़े, नौजवान सब मस्तीज़ादे बन जाते हैं और जमकर सड़क पर हुल्लड़ मचाते हुए बारात को लेकर चलते हैं। ढ़ोल नगाड़ों की थाप पर थिरकते हुए बारात आगे बढ़ती है।
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बोतल से दूध पीता हुआ दुल्हा व बाराती सभी दर्शकों का मनोरंजन करते हुए आगे बढ़ते हैं। बारात का आयोजन सतखसमी मतकटी परिषद द्वारा किया जाता है और सात खसमों में से सबसे ज्यादा मतकटा दुल्हा चुना जाता है। जिले में मतकटी बारात के आयोजन पर होली का मजा दोगुना हो जाता है। मतकटों की बारात में बड़ी संख्या में लोग मौजूद होने के चलते प्रत्येक वर्ष पुलिस भी चाक चैबन्द रहती है और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था का प्रबन्ध करती है।
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