लोकसभा चुनाव 2019 -आजम खान ने मतदान के बाद आज प्रेस वार्ता कर प्रशासन पर मुसलमानो पर ज़ुल्म के गंभीर आरोप लगाए, कहा मुझे 1980 का मुरादाबाद याद गया

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आजम खान ने मतदान के बाद प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए

आजम खान ने मतदान के बाद आज प्रेस वार्ता कर प्रशासन पर मुसलमानो पर ज़ुल्म के गंभीर आरोप लगाए, कहा मुझे 1980 का मुरादाबाद याद गया

ग्लोबलटुडे/रामपुर[सऊद खान]: लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण के मतदान के बाद आज बुधवार (24 अप्रैल) को आजम खान ने प्रेस वार्ता कर प्रशासन पर चुनाव को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।
उन्होंने कहा कि चुनाव हो गया और जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, अपर जिलाधिकारी, एसडीएम सदर, सिटी मजिस्ट्रेट जिनके हाथ आज खून में रंगे होने चाहिए थे बेगुनाह के वह अपने षड्यंत्र में कामयाब नहीं हो सके। हम रामपुर के बेगुनाहों को, गरीब मुसलमानों को, उनकी ज़िंदगियों को, उनकी आबरू को बचाने में कामयाब हुए हैं।

तकरीबन 1 सप्ताह से केवल मुसलमानों के दरवाजे तोड़े गए हैं, उनके घरों के सामान लूटे गए। केवल मुस्लिम महिलाओं को मारा पीटा गया, अपमानित किया गया और 1 दिन पहले शिद्दत के साथ खुद जिला अधिकारी ने, पुलिस अधीक्षक ने और तमाम अधिकारियों ने अपने हाथों से डंडो से बुरी तरह शांतिप्रिय,कमजोर, गरीब, असहाय मुसलमानों को बड़ी बेदर्दी से मारा है लेटा लेटा कर मारा है।
शाम 7:00 बजे से लेकर जो शौकिया पिटाई करना शुरू की गई है रामपुर के मुसलमानों की दुकानदारों की तमाम बाजार बंद करा दिया गया।दुकानों में जो सामान खरीद रही थी महिलाएं उन्हें मारा गया। सामान उठाकर फेंक दिए गए। शाम से ही बाजार बंद करा दिए गए। ऐसा अनोखा मंज़र कहीं देखने को नहीं मिला होगा।
1980 का मुरादाबाद
आज़म खान ने कहा कि यह अनोखी दास्तान कोई पढ़ पाए तो शायद उन्हें पढ़ने को नहीं मिलेगी। इसे पर्व के तौर पर मनाया जाता है और यह कहा भी गया था कि खुशियों का पर्व है। लेकिन चुनाव के दिन इतनी दहशत थी रामपुर शहर के मुस्लिम क्षेत्रों में, स्वार-टांडा में और दढ़ियाल में ऐसा लगता था मुझे 1980 याद आ गया था।
मुरादाबाद के ईदगाह के मैदान में एक बड़ा हादसा हुआ था तो जब मैं मुरादाबाद गया था तो जो मंजर मैंने 1980 के ईदगाह मैं देखा था वही मंजर वहीं दहशत थी। यहां तक कि कोई मुसलमान एजेंट बनने तक को तैयार नहीं था, वोटर्स सड़कों पर नहीं था। दो पहिया, चार पहिया नहीं चलने दिया, एक चार पहिया वाहन जिसमें मेरे गुरुजी उनकी पत्नी और जिलाध्यक्ष अखिलेश जी बैठे हुए थे, उस गाड़ी को रोका गया और कहां डिक्की खोलो तलाशी ली और जब थोड़ा आगे बढ़े तो लगा यह मुस्लिम महिला नहीं है, उसने पूछा और जब उन्होंने अपना नाम बताया तो सॉरी के अंदाज में कहा अच्छा अच्छा हम पहचाने नहीं थे।
जयाप्रदा के लिए पुलिस पर पैसा बांटने का आरोप
आजम खान ने भाजपा प्रत्याशी जयाप्रदा पर आरोप लगाते हुए कहा आपको यह मालूम है कि बड़े पैमाने पर भाजपा प्रत्याशी ने पैसा बांटा।हैरत आपको इस पर नहीं होना चाहिए कि यह पैसा पुलिस के अफसरों ने और कॉन्स्टेबल ने अपने साथ ले जाकर बाटा। काशीराम कॉलोनी में यह पैसा और इसके फोटो मोबाइल में मौजूद हैं।
आजम खान ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा 77000 लाल कार्ड अन साइन 77000 लाल कार्ड जिन पर किसी के दस्तखत नहीं है। इन 77000 में एक भी किसी गैर मुस्लिम का नहीं है। एक का मतलब एक 77000 मुसलमानों को यह कार्ड दिया गया और कॉन्स्टेबल ने घर जाकर कहा घर से मत निकलना।
 
आजम खा ने कहा लोगों को घर जाकर पुलिस ने धमकाया। कहीं का आदेश नहीं था। ना भारत सरकार का, ना राज्य सरकार का, ना राष्ट्रीय चुनाव आयोग का, ना उत्तर प्रदेश चुनाव आयोग का। लाल कार्ड पर इंस्ट्रक्शन दोनो पेजों पर थी यह कहलवा दिया गया था के खबरदार वोट डालने नहीं निकलोगे। इन 77000 परिवारों से उनका वोट देने का अधिकार छीन लिया।
मुस्लिम बूथ लगभग डेढ़ घंटा देर से पोलिंग शुरू कराई गई। अगर रिकॉर्ड चेक करें तो सुबह से शिकायत मिलने लगी थी कि मशीनें खराब हैं। लेकिन केवल मुस्लिम बूथ पर, लगभग 300 मुस्लिम बूथ पर मशीन खराब थी और जो मशीनें रिजर्व में थी वह नहीं इस्तेमाल की गई।
प्रशासन पर 200000 वोट गठबंधन का रोकने का आरोप
आजम खान ने जिलाधिकारी रामपुर पर आरोप लगाते हुए कहा- जिलाधिकारी रामपुर ने जो शांति में चुनाव का धन्यवाद दिया है उन्हें अपने इस बयान के लिए माफी मांगना चाहिए।
लोकतंत्र से जो रामपुर वालों के साथ उन्होंने बदतमीजी जुल्म जब्र रखी है जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने उसके लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए और मैं रामपुर वालों की तरफ से गठबंधन की तरफ से पूरे प्रशासन पर इल्जाम लगाता हूं कि कम से कम गठबंधन का 200000 वोट जिला प्रशासन ने, विशेष रूप से जिलाधिकारी रामपुर, पुलिस अधीक्षक रामपुर, अपर जिलाधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक,सिटी मजिस्ट्रेट, सीओ और एसओ ने अपनी खाकी गुंडागर्दी से मेरा 200000 वोट गठबंधन का रोका है।

आजम खान ने चुनाव आयोग से गुहार लगाते हुए कहा चुनाव आयोग इसका संज्ञान ले हम उन्हें लिख कर भेज रहे हैं और ऐसे प्रशासन को जिसने लोकतंत्र का इतना बड़ा नुकसान किया है संगीन धाराओं के तहत इन का चालान हो।

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