आप पार्टी से असंतुष्ट दिल्ली नगर निगम के 13 पार्षदों ने बनाई नयी राजनीतिक पार्टी, आप ने बताया भाजपा की साज़िश

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आम आदमी पार्टी के 13 पार्षदों ने पार्टी से इस्तीफा देकर एक अलग संगठन ‘इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी’ के गठन की घोषणा की है।

नई दिल्ली, 17 मई:  शनिवार को दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) में आम आदमी पार्टी (आप) के 13 पार्षदों ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया और विकास कार्य ठप होने तथा आंतरिक असंतोष बढ़ने का हवाला देते हुए एक अलग पार्टी ‘इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी’ के गठन की घोषणा की।

वरिष्ठ पार्षद मुकेश गोयल, जो इस नई पार्टी के अध्यक्ष होंगे, ने बताया, “हमारे चुनाव के बाद से ढाई साल में कोई विकास कार्य नहीं हुआ है। पार्टी अंदरूनी कलह और आरोप-प्रत्यारोप में ही व्यस्त रही। हमने नेतृत्व के समक्ष बार-बार अपनी चिंताएं रखीं, लेकिन किसी ने नहीं सुनी।”

आप की तरफ से इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसको भाजपा की साज़िश बताया है। आप नेत्री प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि भाजपा के पास एमसीडी में स्थायी और वार्ड समितियों का गठन करने के लिए संख्या नहीं है; इसलिए वह खरीद-फरोख्त का सहारा ले रही है। उन्होंने कहा कि मेयर चुनाव के दौरान भी भाजपा ने आप पार्षदों को 5-5 करोड़ रुपये देकर खरीदने की कोशिश की थी।

प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि आने वाले दिनों में यह स्पष्ट हो जाएगा कि इन पार्षदों का दलबदल भाजपा की साजिश का नतीजा है।

आप ने कहा कि यह दलबदल अचानक नहीं हुआ है, बल्कि यह लंबे समय से चली आ रही रणनीति का हिस्सा है, जिसे भाजपा अब झूठे बहाने के तहत छुपा रही है। आप ने कहा, “शुरू से लेकर आखिर तक यह भाजपा की करतूत है। सच्चाई सामने आएगी।” साथ ही चेतावनी दी कि यह मनगढ़ंत पलायन भाजपा द्वारा दिल्ली में लोकतांत्रिक जनादेश को पलटने की लगातार कोशिश का ताजा अध्याय है।

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शनिवार को मीडिया से बातचीत के दौरान आप की मुख्य प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि, “मेयर चुनाव के दौरान भी आप ने उजागर किया था कि भाजपा किस तरह हमारे पार्षदों को खरीदने की कोशिश कर रही है। भाजपा ने आप पार्षदों को पाला बदलने और अपनी पार्टी में शामिल होने के लिए 5-5 करोड़ रुपये की पेशकश की थी। हमारे पार्षदों के हालिया इस्तीफे भी इसी खरीद-फरोख्त का नया रूप हैं।”

आप की मुख्य प्रवक्ता ने कहा कि ये इस्तीफे महज दिखावा हैं- ये भाजपा की साजिश का हिस्सा हैं। सच्चाई यह है कि भाजपा के पास अभी भी स्थायी समिति और वार्ड समितियों का गठन करने के लिए पर्याप्त संख्या नहीं है। इसीलिए वे इस तरह के छल-कपट का सहारा ले रहे हैं। पार्षदों के इस्तीफे महज एक नाटक है। आने वाले दिनों में यह बात बिल्कुल साफ हो जाएगी कि ये इस्तीफे भाजपा की सोची-समझी साजिश का हिस्सा हैं। भाजपा द्वारा निर्वाचित संस्थाओं को अस्थिर करने के लिए सत्ता के बार-बार दुरुपयोग पर प्रकाश डालते हुए प्रियंका कक्कड़ ने आगे कहा, “यह भाजपा द्वारा विधायकों की खरीद-फरोख्त के प्रयासों का एक और उदाहरण है। यह बिल्कुल वैसी ही राजनीति है जिसे भाजपा ने सामान्य बना दिया है- लोग उनसे और क्या उम्मीद करेंगे? अगर कोई राजनीतिक दल है जिसने सही मायने में शासन किया है, तो वह आम आदमी पार्टी है। भारतीय राजनीति के पूरे इतिहास में केवल आम आदमी पार्टी ने ही जनसेवा के प्रति सच्ची प्रतिबद्धता दिखाई है। महज 10 साल में आम आदमी पार्टी ने वह कर दिखाया है जो दूसरी पार्टियां 75 साल में नहीं कर पाईं और इसके नतीजे सबके सामने हैं।”

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