Rampur: जनसुनवाई में अधिकारियों के न पहुँचने पर नाराज़ हुईं महिला आयोग सदस्य

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रामपुर (रिज़वान ख़ान): उत्तर प्रदेश सरकार भले ही महिलाओं से संबंधित मामलों को लेकर संजीदा दिखाई देने की बात कहती हो लेकिन कुछ अधिकारी ऐसे हैं जो अपने फर्ज के प्रति लापरवाह जरूर दिखाई देते हैं। ताज़ा मामला रामपुर में राज्य महिला आयोग सदस्य सुनीता सिंह सैनी की स्वार तहसील सभागार में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम से जुड़ा है जहां पर एसडीएम, तहसीलदार व कई अन्य अधिकारी नदारद रहे हैं। जिसके बाद सुनीता सिंह सैनी ने काफी नाराज़गी जताई है।

उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग सदस्य सुनीता सिंह सैनी का रामपुर गृह जनपद है। वह हमेशा ही महिला उत्पीड़न या प्रताड़ना से संबंधित मामलों में तुरंत संज्ञान लेती हैं और अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए निर्देशित करती रहती हैं। इसी क्रम में राज्य महिला आयोग सदस्य सुनीता सिंह सैनी का कई दिन पहले से स्वार तहसील सभागार में जनसुनवाई कार्यक्रम घोषित था। जिसमें उनको महिलाओं से संबंधित विभिन्न प्रकार की उत्पीड़न से जुड़ी शिकायतें सुननी थीं और अधिकारियों से मामलों का निस्तारण कराना था। आरोप है कि राज्य महिला आयोग सदस्य सुनीता सिंह सैनी जनसुनवाई कार्यक्रम की अध्यक्षता करने स्वार तहसील सभागार में पहुंची लेकिन उनके प्रोटोकॉल को दरकिनार करते हुए कई अधिकारी नदारद नज़र आए। इसके बाद उन्होंने इस पर काफी नाराजगी व्यक्त की है।

उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग सदस्य सुनीता सिंह सैनी ने जनसुनवाई कार्यक्रम में अव्यवस्थाओं को लेकर तहसील प्रशासन पर सवाल खड़े किए हैं। वहीं उन्होंने एसडीएम, तहसीलदार सहित कई अधिकारियों को इस लापरवाही का जिम्मेदार माना है। उन्होंने इन लापरवाह अधिकारियों के जनसुनवाई कार्यक्रम से दूरी बनाए जाने को लेकर बेहद खेद प्रकट किया है।

ग़ौरतलब है कि राज्य महिला आयोग सदस्य का अपना एक प्रोटोकॉल होता है और अधिकारियों को उनके कार्यक्रम में शामिल होना आवश्यक होता है क्योंकि इन दिनों उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा मिशन नारी शक्ति अभियान चलाया जा रहा है ताकि महिलाओं से जुड़ी समस्याओं के निदान के लिए उनको अपने अधिकारों की पहचान हो सके। इसी से संबंधित जानकारियां कार्यक्रम के माध्यम से दी जा रही हैं और इसी क्रम में यह कार्यक्रम भी शामिल था जिसमें राज्य महिला आयोग सदस्य सुनीता सिंह सैनी बतौर अध्यक्ष शामिल हुईं और उनके द्वारा ही जनसुनवाई की गई लेकिन अधिकारी नदारत रहे। अब ऐसी स्थिति में एसडीएम स्वार और तहसीलदार की घोर लापरवाही उजागर हुई है।

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