Nepal Protests: नेपाल में भारतीय पत्रकारों पर हमला, प्रदर्शनकारियों ने लगाए “वापस जाओ” के नारे

Date:

काठमांडू में सरकार विरोधी प्रदर्शन के दौरान भारतीय रिपोर्टर्स को अपमानित करके भगाया गया

काठमांडू: नेपाल की राजधानी काठमांडू में चल रहे सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान भारतीय मीडियाकर्मियों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ा है। प्रदर्शनकारियों ने भारतीय पत्रकारों पर पक्षपातपूर्ण रिपोर्टिंग का आरोप लगाते हुए उन्हें अपमानित किया और काम करने से रोका जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।

प्रदर्शनकारियों ने घेरा भारतीय पत्रकारों को

11 सितंबर को काठमांडू में विरोध प्रदर्शन को कवर कर रहे भारतीय पत्रकार और कैमरामैन को प्रदर्शनकारियों ने घेर लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, भीड़ ने “भारतीय मीडिया वापस जाओ” के नारे लगाए।

https://twitter.com/DrNimoYadav/status/1965801742198833482

स्थिति तब और गंभीर हो गई जब कुछ भारतीय पत्रकारों के साथ मारपीट और धक्का-मुक्की की गई। हालांकि, पुलिस के तत्काल हस्तक्षेप से स्थिति को काबू में किया गया।

मीडिया कवरेज में बाधा डालने की कोशिश

प्रदर्शनकारियों ने भारतीय मीडिया की रिपोर्टिंग में बाधा डालने के लिए कैमरे के सामने आकर बर्तन पीटना और नाचना शुरू कर दिया। जब भी कोई भारतीय रिपोर्टर सामने आता, नेपाली युवाओं ने उसे अपमानित करके वहां से भगा दिया। रिपब्लिक चैनल के पत्रकार को तो प्रदर्शनकारी साफ़ पीटते देखे जा सकते हैं।

भारतीय मीडिया ही निशाना क्यों ?

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि भारतीय मीडिया उनके आंदोलन को गलत तरीके से पेश कर रहा है। उनके अनुसार:

  • गलत प्रस्तुति: भारतीय मीडिया उनके विरोध को केवल सोशल मीडिया प्रतिबंध के खिलाफ आंदोलन के रूप में दिखा रहा है
  • वास्तविक मुद्दों की अनदेखी: भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और राजनीतिक अभिजात वर्ग के कब्जे जैसे बुनियादी मुद्दों को नजरअंदाज किया जा रहा है
  • सनसनीखेज कवरेज: विदेशी दर्शकों के लिए सनसनीखेज कहानी बनाने के लिए समस्याओं को सरल बनाया जा रहा है

प्रदर्शनकारियों की शिकायत

एक नेपाली कार्यकर्ता ने गुमनामी की शर्त पर कहा, **”भारतीय मीडिया हमारी कहानी नहीं, बल्कि अपनी कहानी गढ़ रहा है। वे इसे सिर्फ सोशल मीडिया प्रतिबंध के इर्द-गिर्द घुमा रहे हैं, जबकि हम अपने भविष्य के लिए सामने आए हैं।”

राजनीतिक संकट की पृष्ठभूमि

नेपाल में चल रहे इन विरोध प्रदर्शनों का असर व्यापक रहा है। इन प्रदर्शनों के कारण प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़ा है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि देश में व्याप्त भ्रष्टाचार और बेरोजगारी की समस्या का समाधान किया जाए।

Share post:

Visual Stories

Popular

More like this
Related

Jamia’s RCA Shines: 38 Students Clear UPSC 2025 with 4 in Top 50

NEW DELHI: Jamia Millia Islamia’s (JMI) Residential Coaching Academy...

JIH President Condemns US-Israel Aggression on Iran, Warns Against Wider Gulf War

New Delhi: Jamaat-e-Islami Hind (JIH) President Syed Sadatullah Husaini has...