दिल्ली में कल होगा मुस्लिम नेतृत्व का सबसे बड़ा महासम्मेलन

Date:

एमआरएम का अखिल भारतीय मुस्लिम महासम्मेलन 2025 भविष्य को नई दिशा देने के लिए तैयार

नई दिल्ली, 26 सितम्बर: राष्ट्रीय राजधानी कल, 27 सितम्बर 2025, एक ऐतिहासिक क्षण की गवाह बनेगी। तालकटोरा इनडोर स्टेडियम मुस्लिम राष्ट्रीय मंच (एमआरएम) द्वारा आयोजित “अखिल भारतीय मुस्लिम महासम्मेलन 2025” का केंद्र बनेगा। इस महा आयोजन को मुस्लिम नेतृत्व के भविष्य की रूपरेखा तय करने और सामाजिक-राष्ट्रीय सुधारों को दिशा देने वाला निर्णायक कदम माना जा रहा है।

सम्मेलन का पैमाना

सम्मेलन में करीब 10,000 प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है, जिनमें बुद्धिजीवी, शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता, युवा नेता और राष्ट्रीय हस्तियां मौजूद होंगी। इसमें महिलाओं की बड़ी भागीदारी की संभावना है, जो मुस्लिम समाज के समावेशी दृष्टिकोण का संकेत है। सम्मेलन का उद्देश्य राष्ट्रीय हितों पर विमर्श करना, समुदाय के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करना और नई पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय रूप से जोड़ना है।

नेतृत्व और दृष्टि

आरएसएस राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एवं एमआरएम के मुख्य संरक्षक इंद्रेश कुमार इस आयोजन की प्रेरक शक्ति माने जा रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में मुस्लिम बुद्धिजीवी और कार्यकर्ता समुदाय के भविष्य और राष्ट्र के उत्थान पर विचार करेंगे। सम्मेलन संवाद और सहमति का मंच बनेगा, जिससे मुस्लिम समाज की चुनौतियों के व्यावहारिक समाधान निकलेंगे।

आयोजकों की बातें

एमआरएम के राष्ट्रीय संयोजक शाहिद सईद ने कहा कि यह सम्मेलन मुस्लिम समाज में आत्मविश्वास, सकारात्मकता और राष्ट्रभक्ति की नई ऊर्जा भरेगा। उनका कहना था कि तालकटोरा से उठने वाली यह आवाज पूरे भारत में गूंजेगी और भाईचारे-सौहार्द का संदेश देगी। प्रमुख शिक्षाविद एवं राष्ट्रीय संयोजक डॉ. शाहिद अख्तर ने कहा कि यह केवल सम्मेलन नहीं बल्कि एक आंदोलन है, जो मुस्लिम समाज को शिक्षा, सशक्तिकरण और समानता की दिशा में केंद्रित करेगा। उन्होंने इसे 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में योगदान देने की दिशा बताया। महिला विंग की संयोजक डॉ. शालिनी अली ने कहा कि मुस्लिम महिलाएं इस सम्मेलन में निर्णायक भूमिका निभाएंगी। शिक्षा से लेकर उद्यमिता और अधिकारों से लेकर जिम्मेदारियों तक, मुस्लिम महिलाएं आत्मनिर्भर समाज के निर्माण की अगुवाई करेंगी।

एमआरएम की भूमिका

मुस्लिम राष्ट्रीय मंच पहले भी कई राष्ट्रीय मुद्दों पर सक्रिय रहा है— ट्रिपल तलाक की समाप्ति, राम मंदिर निर्माण, अनुच्छेद 370 और 35A पर निर्णय, पीएफआई प्रतिबंध, वक्फ सुधार विधेयक का समर्थन और आतंकवाद विरोधी अभियान में इसकी भूमिका प्रमुख रही है। यह सम्मेलन उस विरासत को आगे बढ़ाते हुए मुस्लिम नेतृत्व को संगठित और प्रगतिशील दिशा देने का प्रयास करेगा।

ऐतिहासिक अवसर

सम्मेलन में राष्ट्रीय नेताओं, नीति-निर्माताओं और विचारकों की मौजूदगी इसकी गंभीरता और बढ़ा रही है। इसे मुस्लिम समाज के लिए ऐतिहासिक अवसर माना जा रहा है, जो राष्ट्रभक्ति, प्रगतिशील सोच और एकजुट भारत के सपने को साकार करने की दिशा में नया अध्याय खोलेगा।

Share post:

Visual Stories

Popular

More like this
Related

Jamia’s RCA Shines: 38 Students Clear UPSC 2025 with 4 in Top 50

NEW DELHI: Jamia Millia Islamia’s (JMI) Residential Coaching Academy...

JIH President Condemns US-Israel Aggression on Iran, Warns Against Wider Gulf War

New Delhi: Jamaat-e-Islami Hind (JIH) President Syed Sadatullah Husaini has...