Indigo: इंडिगो संकट में मोदी सरकार जिम्मेदार, कांग्रेस के तीखे सवाल

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नई दिल्ली: कांग्रेस ने इंडिगो एयरलाइंस के हालिया संकट को केंद्र सरकार की नीतियों का परिणाम बताते हुए चार तीखे सवाल उठाए हैं। पार्टी के लोकसभा सदस्य शशिकांत सेंथिल ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि 5 दिसंबर 2025 को इंडिगो द्वारा 1,000 से अधिक उड़ानें रद्द करने और 6 दिसंबर को सैकड़ों अन्य उड़ानों के कैंसिल होने से देशभर में हवाई यात्रा ठप हो गई है। उन्होंने इसे बीजेपी सरकार द्वारा विमानन क्षेत्र में जबरन ‘डुओपॉली’ (दो कंपनियों का एकाधिकार) थोपने का विनाशकारी नतीजा बताया।

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विमानन क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा कुचलने का आरोप

सेंथिल ने पूछा कि बीजेपी सरकार ने पिछले 11 वर्षों में विमानन क्षेत्र को प्रतिस्पर्धी बनाने के बजाय एकाधिकार और डुओपॉली में सिमटने क्यों दिया? उन्होंने दावा किया कि जनवरी 2024 में जारी ‘उड़ान ड्यूटी समय सीमा’ (FDTL) नियमों को लागू करने के बावजूद डीजीसीए ने इंडिगो को पालन सुनिश्चित करने में विफलता क्यों दिखाई, और क्या सरकार ने कंपनी को चेतावनी या नोटिस दिए बिना रियायतें दीं? कांग्रेस नेता ने इलेक्टोरल बॉन्ड डेटा का हवाला देते हुए कहा कि इंडिगो की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब समूह और उसके प्रमोटर ने बीजेपी को भारी रकम दान दी, जो इस नजदीकी का संकेत है।​

मंत्री से माफी की मांग

सेंथिल ने नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू से इस संकट की जिम्मेदारी लेने और माफी मांगने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि FDTL नियमों को जुलाई 2025 से आंशिक लागू करने के बाद सरकार ने इन्हें शर्मनाक तरीके से वापस ले लिया, जिससे पायलट थकान और यात्री सुरक्षा खतरे में पड़ गई। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि ऐसी नीतियां बनी रहीं, तो अन्य क्षेत्रों में भी अव्यवस्था फैल सकती है।​

सरकारी कदम और स्थिति

सरकार ने इंडिगो को रिफंड 7 दिसंबर तक पूरा करने और किराया कैप लगाने के आदेश दिए हैं, जबकि एयरलाइन ने 10-15 दिसंबर तक सामान्य स्थिति बहाल होने का अनुमान जताया है।

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