बरेली दंगे में नदीम खान की गिरफ्तारी: नई गिरफ्तारी के साथ पुलिस की जांच तेज

Date:

बरेली दंगों के आरोपी नदीम खान को शनिवार को कड़ी सुरक्षा में 4 घंटे पुलिस रिमांड। घर से मूल फर्जी पत्र बरामद, इलाका छावनी। 26 सितंबर हिंसा की जांच तेज।

बरेली(गुलरेज़ ख़ान): बरेली के सांप्रदायिक हिंसा मामले में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) के नेता नदीम खान को शनिवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच चार घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड पर जिला अस्पताल मेडिकल को लाया गया। जेल से अस्पताल तक का पूरा मार्ग सुरक्षा अलर्ट पर रहा और संपूर्ण इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया।​

सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत तैयारी

पुलिस द्वारा इस ऑपरेशन को सर्वोच्च स्तर की सावधानी के साथ अंजाम दिया गया। कई थानों की पुलिस फोर्स, पीएसी (पीपीएस एडजेक्ट कमांडो), एसपी सिटी और सीओ (सर्किल ऑफिसर) मौके पर मौजूद रहे। एहतियातन कुछ मार्गों को अस्थायी रूप से बंद कर आमजन की आवाजाही नियंत्रित की गई। पुलिस वाहनों के काफिले के साथ नदीम खान को अस्पताल लाया गया, और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किए गए।​

मामले की पृष्ठभूमि और जांच की प्रमुख बातें

एसपी सिटी मानुष पारीक के अनुसार, यह मामला 26 सितंबर 2025 को हुई हिंसा से संबंधित है, जिसमें कुल 12 मुकदमे दर्ज किए गए थे। इन मुकदमों में से एक थाना कोतवाली में शिकायतकर्ता लियाकत अली की शिकायत पर दर्ज हुआ था।​

गहन जांच में पुलिस को एक महत्वपूर्ण खुलासा मिला। शिकायतकर्ता के नाम से एक फर्जी पत्र वायरल किया गया था, जिस पर उसके हस्ताक्षर नहीं थे। पुलिस के अनुसार, यह पत्र कूट रचना (फोर्जरी) के माध्यम से तैयार किया गया था और इसे प्रशासन तथा मीडिया को गुमराह करने के उद्देश्य से फैलाया गया था।​

महत्वपूर्ण सबूत बरामद

चार घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान पुलिस को एक महत्वपूर्ण विकास मिला। आरोपी नदीम खान के घर से वही मूल पत्र बरामद हुआ, जो अभी तक गायब था। यह पत्र अब विवेचना का अहम साक्ष्य माना जा रहा है। इस सबूत को मामले में महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह सीधे तौर पर नदीम खान की गिरफ्तारी और आरोपों को प्रमाणित करता है।​

पहले से चल रही जांच में नदीम की भूमिका

सितंबर के मध्य में हुई हिंसा में नदीम खान की भूमिका काफी महत्वपूर्ण थी। शोध के अनुसार, नदीम खान आईएमसी मुखिया मौलवी तौकीर राजा के प्रमुख सहयोगी हैं। पुलिस की जांच से पता चलता है कि 25 सितंबर को रात 1:23 बजे नदीम खान ने आईएमसी की आधिकारिक लेटरहेड वाले एक पत्र को व्हाट्सएप ग्रुप में साझा किया। इस संदेश में नदीम ने दावा किया कि लेटरहेड नकली है और हस्ताक्षर जाली हैं।​

यह चाल काफी हद तक चतुराई से किया गया प्रयास प्रतीत होता है क्योंकि नदीम का यह संदेश और लेटरहेड को नकली बताना भीड़ को आंदोलित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाया। अधिकारियों का मानना है कि अगर यह संदेश न भेजा गया होता तो उस दिन हिंसा और भीड़ जमावड़ा संभवतः कम हो सकता था।​

व्यापक दंगे और गिरफ्तारियां

26 सितंबर को बरेली में जो हिंसा हुई, वह “आई लव मुहम्मद” नारों के साथ शुरू हुई। इस दौरान भीड़ ने पुलिस पर पत्थरबाजी की, पेट्रोल बम फेंके और विभिन्न सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया। पुलिस ने 80 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है।​

मुख्य आरोपी मौलवी तौकीर राजा को भी पहले गिरफ्तार किया गया था, और उन्हें 12 दिसंबर को सशर्त जमानत दी गई, लेकिन अन्य आरोपों के कारण वह जेल में रहे।​

जांच की दिशा

फिलहाल पुलिस नदीम खान की पूछताछ जारी रखते हुए मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। अधिकारियों का मानना है कि नदीम के द्वारा बरामद किया गया मूल पत्र और अन्य साक्ष्य इस मामले को सुलझाने में अहम भूमिका निभाएंगे। पुलिस आगामी दिनों में आरोपों को और मजबूत करने के लिए अतिरिक्त जांच करने की योजना बना रही है।

Share post:

Visual Stories

Popular

More like this
Related

केरल के BJP नेता ने कतर में 8 करोड़ की लूट के मामले में कोझिकोड में किया सरेंडर

कोयिलैंडी (कोझिकोड): कतर की राजधानी दोहा स्थित केरल मुस्लिम कल्चरल...

Massive Fire at Karan Nagar Commercial Unit; Nearby Hospital Evacuated

Srinagar, Oct 24: A massive fire broke out late...

‘Hum Aur Tum’: A Musical Journey Through Love, Longing and the Beautiful Shades of Life

Devanand Jha and Shweta Dubey mesmerise audiences with timeless...

इबरत का मुक़ाम: औलिया की चौखट और बादशाह का मक़बरा

दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में कदम रखते ही इतिहास,...