ईरान के नतांज न्यूक्लियर फैसिलिटी पर शनिवार सुबह संयुक्त राज्य अमेरिका और इजरायल द्वारा हमला किए जाने की खबर है। हालांकि, राहत की बात यह है कि इस हमले के बाद किसी भी तरह के रेडियोएक्टिव रिसाव (परमाणु विकिरण) की सूचना नहीं मिली है।
हमले की मुख्य बातें:
- नुकसान का विवरण: अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने सैटेलाइट तस्वीरों के आधार पर पुष्टि की है कि नतांज के ‘फ्यूल एनरिचमेंट प्लांट’ (FEP) के प्रवेश द्वार के पास स्थित इमारतों को मामूली नुकसान पहुंचा है।
- सुरक्षा स्थिति: परमाणु निगरानी संस्था ने स्पष्ट किया है कि मुख्य प्लांट सुरक्षित है और फिलहाल पर्यावरण या स्थानीय आबादी को कोई खतरा नहीं है।
- दावा: ईरान के ‘एटॉमिक एनर्जी ऑर्गनाइजेशन’ ने तसनीम न्यूज एजेंसी के माध्यम से इस हमले के लिए अमेरिका और इजरायली शासन को जिम्मेदार ठहराया है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और निगरानी
IAEA के प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने स्थिति पर नजर रखते हुए दुनिया से संयम बरतने की अपील की है। उन्होंने बताया कि नतांज के अलावा ईरान के अन्य महत्वपूर्ण केंद्रों जैसे बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट और तेहरान रिसर्च रिएक्टर पर हमले या क्षति का कोई संकेत नहीं मिला है।
पृष्ठभूमि
नतांज फैसिलिटी लंबे समय से तनाव का केंद्र रही है। इससे पहले जून में हुए 12 दिवसीय युद्ध के दौरान भी इस प्लांट को भारी निशाना बनाया गया था। हालिया हमला अमेरिका-इजरायल सैन्य संघर्ष के बढ़ते प्रभाव के रूप में देखा जा रहा है। सैटेलाइट तस्वीरों में बमबारी के बाद हुए नुकसान को साफ तौर पर देखा जा सकता है, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय एजेंसी ने इसकी आधिकारिक पुष्टि की।
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