फ्रांस: G7 शिखर सम्मेलन के इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच एक बेहद महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक हुई। करीब 16 महीनों के लंबे अंतराल के बाद हुई इस मुलाकात में दोनों राष्ट्राध्यक्षों ने व्यापार (Trade Deal), रक्षा और पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक हालातों समेत कई रणनीतिक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की।
बैठक की शुरुआत में पीएम मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वैश्विक स्थिरता के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) का खुला रहना पूरी दुनिया के लिए बेहद जरूरी है।
भारतीय नाविकों की सुरक्षा हमारी शीर्ष प्राथमिकता: पीएम मोदी
पश्चिम एशिया (वेस्ट एशिया) के संकट पर चिंता जताते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा, “भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। ईरान के साथ होने वाले किसी भी समझौते में नाविकों की सुरक्षा के पहलुओं को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाना चाहिए।” इसके साथ ही पीएम मोदी ने उम्मीद जताई कि पश्चिम एशिया में जल्द ही शांति और स्थिरता बहाल होगी।
‘दिखने में सरल, फैसलों में सख्त’: राष्ट्रपति ट्रंप ने की पीएम मोदी की तारीफ
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर खुले मंच से प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व कौशल की सराहना की। ट्रंप ने कहा:
“पीएम मोदी दिखने में भले ही सरल स्वभाव के हों, लेकिन जब बात देशहित के फैसलों की आती है, तो वह बेहद सख्त और एक ‘टफ नेगोशिएटर’ (कठिन वार्ताकार) साबित होते हैं। जब तक नरेंद्र मोदी भारत के प्रधानमंत्री हैं, वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका लगातार मजबूत होती रहेगी।”
ट्रंप ने आगे कहा कि फ्रांस में पीएम मोदी के साथ उनकी बेहद सकारात्मक बैठकें हुई हैं। उन्होंने मजाकिया और रणनीतिक लहजे में कहा, “यह G7 है, इसके बाद G2 और फिर G20 होने वाला है। भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही है।”
अमेरिकी अर्थव्यवस्था में भारत का योगदान सराहनीय
राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था के मजबूत दौर का जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिका में बड़े पैमाने पर निवेश हो रहा है और नई फैक्ट्रियां लग रही हैं। उन्होंने भारत के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत भी अमेरिका में निवेश कर रहा है, जिससे दोनों देशों के आर्थिक संबंध और मजबूत हुए हैं। ट्रंप ने भावुक अंदाज में कहा, “पीएम मोदी लंबे समय से मेरे बेहतरीन दोस्त हैं और हमारे संबंध हमेशा से बहुत खास रहे हैं।”
ईरान के पास परमाणु हथियार बर्दाश्त नहीं: ट्रंप
बैठक के दौरान ईरान संकट पर भी चर्चा हुई। ट्रंप ने साफ शब्दों में अमेरिकी रुख को स्पष्ट करते हुए कहा, “पीएम मोदी के साथ ईरान के मुद्दे पर भी गंभीर बातचीत हुई है। मैं यह पूरी स्पष्टता के साथ कहना चाहता हूं कि ईरान के पास किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार (Atom Bomb) नहीं होने चाहिए।”
‘जल्द ही भारत का दौरा करूंगा’
प्रेस से मुखातिब होते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत और अमेरिका के मधुर संबंधों को रेखांकित किया। उन्होंने घोषणा की कि वह जल्द ही भारत का दौरा करेंगे। ट्रंप ने कहा कि भारत संभावनाओं से भरा देश है और दोनों देशों के बीच व्यापारिक समझौतों के साथ-साथ रक्षा क्षेत्र में भी सहयोग नई ऊंचाइयों पर है।
G7 मंच से पीएम मोदी का संदेश: ‘ग्लोबल साउथ’ को एकजुट होने की जरूरत
इससे पहले G7 शिखर सम्मेलन के मुख्य सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक संकटों और उनके असर को लेकर दुनिया का ध्यान आकर्षित किया।
- सप्लाई चेन में रुकावट: पीएम मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया के संकट के कारण फ्यूल (ईंधन) से लेकर फर्टिलाइजर (उर्वरक) तक की ग्लोबल सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है।
- ग्लोबल साउथ पर असर: इस व्यवधान का सबसे सीधा और घातक असर ‘ग्लोबल साउथ’ (विकासशील और गरीब देशों) पर पड़ा है।
- अंतरराष्ट्रीय एकजुटता की मांग: पीएम मोदी ने आह्वान किया कि यदि समय रहते अंतरराष्ट्रीय एकजुटता को मजबूत नहीं किया गया, तो गरीब देशों के लिए संकट और गहरा जाएगा।
- युवा शक्ति बनेगी समाधान: उन्होंने वैश्विक मंच को भरोसा दिलाया कि भारत और अन्य दक्षिण एशियाई देशों के पास प्रतिभावान युवाओं और अनुभवी विशेषज्ञों का एक बड़ा पूल है, जो दुनिया को इस आर्थिक और रणनीतिक संकट से उबारने में गेम-चेंजर साबित हो सकता है।
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