नई दिल्ली, 24 मार्च 2026: केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया के अंसारी ऑडिटोरियम में ‘खाद्य प्रसंस्करण में इको-इनक्लूसिव पैकेजिंग: ब्रिजिंग सस्टेनेबिलिटी, जेंडर एंड इनोवेशन’ विषयक राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया।
इस एक दिवसीय सम्मेलन का आयोजन जामिया के सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ सोशल इनक्लूजन (CSSI), खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय (MoFPI) और राष्ट्रीय उर्दू भाषा संवर्धन परिषद (NCPUL) के सहयोग से हुआ। देशभर से 300 से अधिक एनजीओ ने भाग लिया, जिसमें तीन तकनीकी सत्र शामिल थे। उद्घाटन NCC कैडेट्स द्वारा दिए गए क्वार्टर गार्ड ऑफ ऑनर के साथ शुरू हुआ।
मुख्य अतिथि
कार्यक्रम में जामिया के कुलपति प्रो. मजहर आसिफ, रजिस्ट्रार प्रो. मो. महताब आलम रिजवी, डॉ. आभा रानी सिंह (एनएमडीएफसी अध्यक्ष), डॉ. एम.जे. खान (इंडियन चैंबर ऑफ फूड एंड एग्रीकल्चर) और प्रो. तनुजा (CSSI निदेशक) उपस्थित रहे। कुलपति ने स्थिरता और समावेश को बढ़ावा देने वाली भूमिका पर जोर दिया।
मंत्री का संबोधन
पासवान ने पर्यावरण-अनुकूल पैकेजिंग, सतत खाद्य प्रसंस्करण और समावेशी नवाचार पर सरकार की प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने उद्योग, नियामक निकायों व शोध संस्थानों के बीच सहयोग का आह्वान किया तथा ‘आत्मनिर्भर भारत’ के तहत PMFME योजना का जिक्र करते हुए युवाओं को उद्यमिता के अवसरों का लाभ उठाने को कहा। गुणवत्ता पर बल देते हुए चेतावनी दी कि एक भी खराब कंसाइनमेंट भारत की छवि खराब कर सकता है।
भविष्य दृष्टिकोण
मंत्री ने हरित क्रांति के बाद उत्पादन को मूल्य में बदलने, ‘विकसित भारत 2047’ और भारत को ‘ग्लोबल फूड बास्केट’ बनाने के लक्ष्य पर प्रकाश डाला। भोजन बर्बादी रोकने व इको-फ्रेंडली पैकेजिंग अपनाने का आग्रह किया। कुलपति ने केला, बांस व कटहल जैसे उत्पादों की क्षमता का उदाहरण दिया।
समापन
रजिस्ट्रार ने अंतर्विषयक संवाद व नीति-अनुसंधान पर जोर दिया। प्रो. तनुजा ने जेंडर, नवाचार व पर्यावरणीय उत्तरदायित्व के संबंध पर बोला। धन्यवाद ज्ञापन के बाद राष्ट्रगान के साथ उद्घाटन संपन्न हुआ।
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