रामपुर में पुलिसिया कार्रवाई के खिलाफ फूटा जन आक्रोश, जिला पंचायत सदस्य ने की तीखी निंदा।
रामपुर: कैराना से समाजवादी पार्टी की लोकप्रिय सांसद इकरा हसन को सहारनपुर में पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की घटना के बाद रामपुर में भी राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। इस कार्रवाई को लेकर क्षेत्र की जनता और जनपदों के नेताओं में भारी आक्रोश है।
चमरौआ विधानसभा क्षेत्र से पूर्व प्रत्याशी एवं रामपुर जिला पंचायत सदस्य मुस्तफा हुसैन एडवोकेट ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने भाजपा सरकार के दोहरे चरित्र पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ सरकार ‘महिला सम्मान’ का ढोंग करती है, और दूसरी तरफ एक महिला जनप्रतिनिधि को सिर्फ इसलिए प्रताड़ित किया जा रहा है क्योंकि वह एक पीड़ित परिवार की मदद करने पहुँची थीं। उन्होंने इसे पूरी तरह से तानाशाही और कानून का खुला उल्लंघन करार दिया।
संवैधानिक अधिकारों का हनन: एडवोकेट मुस्तफा हुसैन
कानूनी पहलुओं को रेखांकित करते हुए जिला पंचायत सदस्य मुस्तफा हुसैन ने पुलिसिया कार्रवाई की आलोचना की और कहा:”भारतीय संविधान का अनुच्छेद 21 (Article 21) प्रत्येक नागरिक को गरिमा के साथ जीने और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार देता है। पुलिस हिरासत के नाम पर इस मौलिक अधिकार का खुलेआम उल्लंघन नहीं किया जा सकता। पुलिस का मूल काम हत्या के असली आरोपियों को पकड़ना है, न कि पीड़ित परिवार और उनके हक में आवाज उठाने वाली सांसद को बंधक बनाना।”
उन्होंने आगे कहा कि एक सम्मानित महिला सांसद के साथ इस तरह का व्यवहार करके भाजपा सरकार और स्थानीय प्रशासन ने देश की समस्त महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाई है। समाजवादी पार्टी इस दमनकारी नीति के खिलाफ चुप नहीं बैठेगी और जनता की आवाज को मजबूती से उठाती रहेगी।
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