सहसवान (बदायूँ): नगर के मोहल्ला गोपालगंज और सैफुल्लागंज के मुख्य मार्ग पर पिछले कई वर्षों से जलभराव और कीचड़ की विकराल समस्या बनी हुई है। तालाब और नालों का ओवरफ्लो पानी सड़कों पर बहने के कारण स्थानीय लोगों का पैदल निकलना भी दूभर हो गया है। इस अव्यवस्था से सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, महिलाओं और दुपहिया वाहन चालकों को झेलनी पड़ रही है। सड़क पर कीचड़ होने के कारण आए दिन बाइक और ई-रिक्शा फिसलकर पलट रहे हैं, जिससे लोग चोटिल हो रहे हैं।
नाला निर्माण न होने से बढ़ी मुसीबत
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि क्षेत्र में जल निकासी के लिए कोई पुख्ता नाला नहीं बनाया गया है। वहीं, सुबह-शाम कई घंटों तक पानी की टंकी चालू रहने से सप्लाई का अतिरिक्त पानी सड़कों पर जमा हो जाता है। मोहल्लेवासियों का कहना है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार नगर पालिका प्रशासन और विभागीय अधिकारियों से लिखित शिकायत की, लेकिन प्रशासनिक उदासीनता के चलते अब तक कोई समाधान नहीं हो सका।
तालाब पाटने से बिगड़े हालात
ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र के पुराने तालाब को तो पाट दिया गया, लेकिन पानी की वैकल्पिक निकासी का कोई इंतजाम नहीं किया गया। इसके चलते अब गंदा पानी एक निजी खेत में जमा हो रहा है, जिसने एक बड़े कीचड़ के तालाब का रूप ले लिया है। मोहल्ले के लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि खेत मालिक ने अपने खेत में मिट्टी डलवाकर उसे बंद कर दिया, तो यह दूषित पानी लोगों के घरों और मुख्य मार्गों को पूरी तरह जलमग्न कर देगा।
संक्रामक बीमारियों का बढ़ा खतरा
सड़कों और रिहायशी इलाकों में लंबे समय से जमा इस गंदे पानी और सड़ते कीचड़ के कारण क्षेत्र में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे संक्रामक बीमारियां फैलने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। स्थानीय जनता ने जिला प्रशासन से मांग की है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द नाला निर्माण कराया जाए और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
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