नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद कुँवर दानिश अली ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो साझा करते हुए दानिश अली ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा कोई त्याग नहीं, बल्कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की नाकामी का सीधा इकरारनामा और सबूत है।
युवाओं और राहुल गांधी के संघर्ष की जीत
दानिश अली ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि यह देश के लाखों छात्रों, नौजवानों और राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्ष द्वारा चलाए गए निरंतर अभियान की जीत है। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी जी पिछले कई महीनों से देश के युवाओं और छात्रों को लगातार जागरूक करने का काम कर रहे थे। उसी sustained campaign और संघर्ष का यह नतीजा है।”
‘निष्पक्ष परीक्षा की मांग देशभक्ति है’
पूर्व सांसद ने केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि युवाओं के आंदोलन को राष्ट्रविरोधी बताना और परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ उठने वाली आवाजों को ठुकराना सरकार की मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि:
- निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा की मांग करना देशभक्ति है, देशद्रोह नहीं।
- छात्रों के आंदोलन को राष्ट्रविरोधी बताना देश के युवाओं का अपमान है।
‘सरकार की उल्टी गिनती शुरू’
कुँवर दानिश अली ने दावा किया कि देश का छात्र और नौजवान अब जाग चुका है। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा इस बात का संकेत है कि अब मोदी सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है।
- ‘जेन-जी का मतलब राष्ट्र प्रथम’: विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम में युवाओं ने पीएम मोदी से साझा किए अनुभव

- CJP प्रोटेस्ट के बीच RSS नेता की छात्रों को नसीहत, कहा- देशहित में समय दें, राजनीति में न उलझें

- कारगिल विजय दिवस: राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और पीएम मोदी ने देश के वीर योद्धाओं को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

- धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा: NEET विवाद और प्रदर्शनों के बीच छोड़ा केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पद, Gen-Z की बड़ी जीत

- ‘उनकी चिंताएं वास्तविक हैं, बल प्रयोग ठीक नहीं’: NEET मुद्दे पर CJP प्रदर्शन पर बोले मुरली मनोहर जोशी

