‘विविधता में एकता’ वाले बयान पर RSS प्रमुख मोहन भागवत पर विपक्ष का निशाना, कपिल सिब्बल और राशिद अल्वी ने साधा तंज

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Mohan Bhagwat Madison Square Garden
एकता और विविधता दोनों ही भारत के डीएनए में बसी हैं: आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत

नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के अमेरिका में दिए गए ‘विविधता में एकता’ वाले बयान पर देश में राजनीतिक पारा चढ़ गया है। न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में भारतीय समुदाय और विभिन्न धर्मों के नेताओं को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा था कि विविधता भारत के डीएनए में है और यह देश की मूल एकता को सजाती है। हालांकि, उनके इस बयान पर अब भारत में विपक्षी नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है।

कांग्रेस के पूर्व नेता और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने मोहन भागवत के बयान पर तंज कसते हुए कहा कि विदेश में समझदारी भरी बातें की जाती हैं, लेकिन घर में चुप्पी साध ली जाती है। उन्होंने कहा कि शब्द मायने नहीं रखते, बल्कि काम बोलना चाहिए।

वहीं कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने आरएसएस प्रमुख पर छवि चमकाने का आरोप लगाया। अल्वी ने सवाल उठाया कि अगर देश में सब कुछ ठीक है तो विदेश में जाकर ऐसे बयान देने की जरूरत क्यों पड़ रही है? उन्होंने इसे महज एक ढोंग बताया।

तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय ने भागवत के बयान पर संभलकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर संघ प्रमुख दूसरे समुदायों के प्रति सहिष्णुता और भाईचारे की बात कर रहे हैं तो यह अच्छी बात है, लेकिन सवाल यह है कि क्या संघ की विचारधारा वास्तव में इस पर अमल करती है।

इसके अलावा, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने कहा कि भागवत का बयान सकारात्मक संदेश देता है, लेकिन सबसे जरूरी बात यह है कि इन विचारों को देश में जमीनी स्तर पर लागू किया जाए।