भारत-कनाडा राजनयिक विवाद में अमेरिका और ब्रिटेन भी कनाडा के साथ, दोनों देशों ने भारत के रुख को बताया गलत

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भारत-कनाडा राजनयिक विवाद में अमेरिका और ब्रिटेन भी कनाडा के साथ, दोनों देशों ने भारत के रुख को बताया गलत
भारत-कनाडा राजनयिक विवाद में अमेरिका और ब्रिटेन भी कनाडा के साथ, दोनों देशों ने भारत के रुख को बताया गलत

कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो ने कहा कि भारत सरकार ने इस हफ्ते जो कार्रवाई की, वह अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है। 

कनाडा और भारत के बीच तनाव अभी भी कम होने के नाम नहीं ले रहा है। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रुडो के निज्जर हत्यकांड में भारत का हाथ होने के आरोप के बाद से दोनों देश को बीच तनाव जारी है। भारत के कनाडा के राजनयिकों की डिप्लोमेटिक इम्यूनिटी वापस लेने की बात के बाद कनाडा ने अपने 41 राजनयिकों को भारत से वापस बुला लिया है।

भारत के कदम से असहमति

भारत से कनाडा के राजनयिकों की वापसी पर अमेरिका और ब्रिटेन ने भी बयान जारी किए हैं। जिसमें दोनों देशों ने कनाडा की तरफदारी की है और सीधे-सीधे भारत के कदम से असहमति जताई है।

भारत से कनाडा के राजनयिकों की वापसी पर अमेरिका और ब्रिटेन ने कहा है कि कदम चिंताजनक है। इससे रिश्तों में और कड़वाहट आएगी। दोनों देशों को रिश्तों में सुधार की ओर सोचना चाहिए। अमेरिकी विदेश विभाग की प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने मामले पर कहा है कि हम कनाडा के राजनयिकों के भारत से लौटने पर चिंतित हैं। समस्याओं के समाधान के लिए डिप्लोमैट्स का ग्राउंड पर रहना जरूरी है। हम उम्मीद करते हैं कि भारत वियना कन्वेंशन के तहत अपने दायित्वों का पालन करेगा। राजनयिकों की सुरक्षा प्रदान करने वाले विशेषाधिकारों को एकतरफा हटाना वियना कन्वेंशन के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है। अमेरिका ने ये भी कहा कि कनाडा के आरोप गंभीर हैं। हम भारत से हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की जांच में कनाडा के साथ सहयोग करने का आग्रह करते हैं।

वियना कन्वेंशन का उल्लंघन

इन सबके बीच कनाडा के पीएम ट्रूडो ने एक बार फिर भारत को लेकर बयान दिया है। ट्रूडो अपने आरोपों को दोहराते हुए भारत को फिर से घेरा है।

कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो ने कहा, “भारत सरकार ने इस हफ्ते जो कार्रवाई की, वह अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है। भारत सरकार ने भारत में 40 कनाडाई राजनयिकों की राजनयिक प्रतिरक्षा को एकतरफा रद्द करने का फैसला किया। यह वियना कन्वेंशन का उल्लंघन है। इसके बारे में दुनिया के सभी देशों को चिंतित होना चाहिए।”

उन्होंने आगे कहा, “भारत सरकार ने भारत में काम कर रहे 40 राजनयिकों की राजनयिक प्रतिरक्षा रद्द करने का फैसला किया। भारत सरकार भारत और कनाडा में रहने वाले लाखों लोगों के सामान्य जीवन को कठिन बना रही है, भारत सरकार कूटनीति के बुनियादी सिद्धांत का उल्लंघन करके ऐसा कर रही है।”