नई दिल्ली | 03 फरवरी 2026: केंद्र सरकार ने बजट 2026-27 में आयुष मंत्रालय (AYUSH) के लिए ₹4,408 करोड़ की बड़ी राशि आवंटित की है। इस घोषणा के बाद चिकित्सा जगत, विशेषकर यूनानी पद्धति के विशेषज्ञों में उत्साह की लहर है। इस बजट से अब दिल्ली में पिछले 22 वर्षों से लंबित ‘एम्स यूनानी’ (AIIMS Unani) बनने की उम्मीद जाग गई है।
मुख्य बिंदु:
- बजट आवंटन: आयुष क्षेत्र के लिए ₹4408 करोड़ जारी।
- लंबित प्रोजेक्ट: साल 2004 से अटका हुआ है ‘एम्स यूनानी’ का निर्माण।
- सरकारी फोकस: दिल्ली के केंद्र सरकार के अस्पतालों के बजट में भी हुई बढ़ोतरी।
2004 से जारी है इंतज़ार
ऑल इंडिया यूनानी तिब्बी कांग्रेस के सेक्रेटरी जनरल, डॉ. सैयद अहमद खान ने बजट का स्वागत करते हुए एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि साल 2004 में जब ‘एम्स आयुर्वेद’ की नींव रखी गई थी, तब सरकार ने जल्द ही ‘एम्स यूनानी’ बनाने का भी ऐलान किया था। तकनीकी और अन्य कारणों से यह प्रोजेक्ट अब तक हकीकत नहीं बन पाया है, लेकिन इस साल के बजट ने इस पुरानी मांग को फिर से जीवित कर दिया है।
आयुष का वैश्विक विस्तार
डॉ. खान के अनुसार, 2014 में आयुष मंत्रालय के गठन के बाद से ही भारतीय चिकित्सा प्रणालियों का ‘ग्लोबलाइजेशन’ (वैश्वीकरण) हुआ है। उन्होंने उम्मीद जताई कि वर्तमान सरकार के तीन नए एम्स बनाने के प्लान में एक संस्थान ‘तिब यूनानी’ को समर्पित हो सकता है।
दिल्ली के अस्पतालों को क्या मिला?
बजट में न केवल आयुष, बल्कि दिल्ली स्थित केंद्र सरकार के अन्य अस्पतालों के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। पिछले वर्षों के मुकाबले इस बार अस्पतालों के फंड में वृद्धि की गई है, जिससे राजधानी की स्वास्थ्य सुविधाओं में बड़े सुधार देखने को मिल सकते हैं।
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