रामपुर सेशन कोर्ट में सपा नेता आज़म खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आज़म के दो पैन कार्ड मामले में सात साल की सजा के खिलाफ अपील पर आज सुनवाई हुई। कोर्ट ने अगली तारीख 12 जनवरी तय की है, तब तक अभियोजन पक्ष अपने दावे और आपत्तियां दाखिल कर सकेगा।
रामपुर(रिज़वान ख़ान): समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आज़म खान तथा उनके बेटे पूर्व विधायक अब्दुल्ला आज़म खान के दो पैन कार्ड मामले में रामपुर सेशन कोर्ट में आज सुनवाई हुई। दोनों ने निचली अदालत की ओर से सुनाई गई सात साल की सजा के खिलाफ अपील दायर की है, जिस पर यह सुनवाई चल रही है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने पक्ष और विपक्ष की दलीलें सुनीं और मामले पर अगली तारीख 12 जनवरी तय कर दी। अब अभियोजन पक्ष 12 जनवरी तक अपने लिखित पक्ष, दावे और आपत्तियां दाखिल कर सकेगा, जिन पर अगली तिथि पर बहस होने की संभावना है।
गौरतलब है कि दो पैन कार्ड मामले में आज़म खान और अब्दुल्ला आज़म खान को रामपुर की एमपी-एमएलए विशेष अदालत ने सात-सात साल की सजा सुनाई थी। अदालत ने माना था कि अब्दुल्ला आज़म ने पिता आज़म खान की साजिश में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दूसरा पैन कार्ड बनवाया और उसे आधिकारिक रिकॉर्ड में इस्तेमाल किया।
आरोप है कि अब्दुल्ला आज़म के लिए दो अलग-अलग जन्मतिथि और जन्म प्रमाणपत्र के आधार पर दो पैन कार्ड बनवाए गए, ताकि वह चुनाव लड़ने की न्यूनतम आयु पूरी दिखा सकें। इस मामले में भारतीय दंड संहिता की धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश से जुड़ी धाराओं के तहत दोनों को दोषी ठहराया गया था और सजा सुनाए जाने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया।
फिलहाल दोनों नेता रामपुर जेल में बंद हैं और अब सेशन कोर्ट में उनकी सजा के खिलाफ अपील पर सुनवाई चल रही है। 12 जनवरी को होने वाली अगली सुनवाई में यह देखा जाएगा कि अदालत निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखती है या सजा में किसी तरह की राहत देती है।
- रामपुर: आग से राख हुई गेहूं की फसल, जिला पंचायत सदस्य मुस्तफा हुसैन ने की मुआवजे की मांग

- रामपुर: “सांसद रुचिवीरा से सीखें विकास करना”, मुस्तफा हुसैन ने नेताओं को दी नसीहत

- रूस-यूक्रेन युद्ध की भेंट चढ़ा रामपुर का लाल: नम आंखों के बीच शावेद को किया गया सुपुर्द-ए-खाक

- रामपुर: एसपी विद्यासागर मिश्रा की विदाई पर नम हुईं पुलिसकर्मियों की आँखें, भावुक पलों के साथ दी गई विदाई

- रामपुर के नए पुलिस अधीक्षक सोमेन्द्र मीना ने संभाला पदभार, जनसुनवाई में सुनीं शिकायतें

