सहसवान की बेटी ज़ायनाह आतिफ ने लहराया परचम: AMU में 96% अंक और प्रवेश परीक्षाओं में शानदार रैंक से बढ़ाया मान

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बदायूं/सहसवान: कहते हैं कि प्रतिभा किसी पहचान की मोहताज नहीं होती। इसे सच साबित कर दिखाया है सहसवान की होनहार छात्रा ज़ायनाह आतिफ ने। अपनी कड़ी मेहनत, लगन और उत्कृष्ट प्रदर्शन के दम पर ज़ायनाह ने न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे सहसवान और जनपद बदायूं का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। इस शानदार उपलब्धि के लिए उन्हें विशेष रूप से सम्मानित भी किया गया है।

ज़ायनाह आतिफ नगर के वरिष्ठ पत्रकार आतिफ निसार की पुत्री हैं। उनकी इस असाधारण सफलता से पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है।

10वीं बोर्ड परीक्षा में हासिल किए 96% अंक

ज़ायनाह आतिफ ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) से 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा में 96 प्रतिशत अंक प्राप्त कर शानदार सफलता हासिल की है। उनके विषयवार अंक इस प्रकार रहे:

  • विज्ञान (Science): 100/100 (शत-प्रतिशत)
  • अंग्रेजी (English): 100/100 (शत-प्रतिशत)
  • गणित (Mathematics): 98/100

इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के बदौलत उन्होंने विद्यालय के मेधावी छात्रों में एक विशेष स्थान बनाया है।

AMU और जामिया की प्रवेश परीक्षाओं में भी मनवाया लोहा

10वीं बोर्ड में टॉप करने के बाद भी ज़ायनाह यहीं नहीं रुकीं। उन्होंने देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों की कक्षा 11 की प्रवेश परीक्षाओं में भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया:

  • अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU): कक्षा 11 की प्रवेश परीक्षा में ऑल इंडिया छठी (6th) रैंक हासिल की।
  • जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI): कक्षा 11 की प्रवेश परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 104वीं रैंक प्राप्त की।

बचपन से ही मेधावी रही हैं ज़ायनाह: ज़ायनाह की प्रतिभा बचपन से ही असाधारण रही है। इससे पहले उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की कक्षा 6 की प्रवेश परीक्षा में भी पूरे देश में प्रथम (1st) स्थान हासिल किया था। लगातार मिल रही ये सफलताएं साबित करती हैं कि वे अनुशासन और लगन की धनी हैं।

सफलता का श्रेय और भविष्य का लक्ष्य

अपनी इस शानदार सफलता का श्रेय ज़ायनाह आतिफ ने अपने माता-पिता और गुरुजनों को दिया है। उन्होंने कहा:

“शिक्षकों और माता-पिता के मार्गदर्शन, प्रेरणा और निरंतर सहयोग के बिना यह मुकाम हासिल करना संभव नहीं था। मेरा लक्ष्य आगे भी पूरी मेहनत और समर्पण के साथ शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन प्रदर्शन करना और देश व समाज का नाम रोशन करना है।”

क्षेत्र के युवाओं के लिए बनीं प्रेरणा स्रोत

ज़ायनाह की इस ऐतिहासिक उपलब्धि से पूरे सहसवान में जश्न का माहौल है। उनकी यह सफलता क्षेत्र के अन्य विद्यार्थियों के लिए एक बड़ा प्रेरणा स्रोत बन गई है। उन्होंने यह साबित कर दिया है कि अगर दृढ़ संकल्प, कठिन परिश्रम और सही मार्गदर्शन मिले, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।

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