ररामपुर: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान को हेट स्पीच मामले में रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने मंगलवार को 2019 लोकसभा चुनाव के दौरान दर्ज इस प्रकरण में उन्हें दोषमुक्त करार दिया।
मामला 24 अप्रैल 2019 का है, जब चुनाव प्रचार के दौरान आजम खान ने एक जनसभा में चुनाव आयोग पर तीखी टिप्पणी की थी। इस बयान को भड़काऊ भाषण मानते हुए तत्कालीन सहायक रिटर्निंग ऑफिसर पीपी तिवारी की शिकायत पर कोतवाली सिविल लाइंस में मुकदमा दर्ज किया गया था।
फैसले के बाद अदालत परिसर से बाहर निकलते हुए आजम खान ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर भरोसा हमेशा से रहा है। उन्होंने मीडिया से संवाद में कहा, “आए तो थे अटैची लेकर, लेकिन बहुत कम ऐसा हुआ है कि बेगुनाही में हम बेगुनाह साबित हुए। पुलिस ने जिस तरह से मुकदमे दर्ज किए, उनमें सच्चाई को छिपाने की हर कोशिश की गई।”
आजम खान ने कहा कि परिवार के सभी सदस्यों को झूठे मुकदमों में फंसाया गया। उन्होंने कहा, “मैं, मेरी पत्नी, बेटे, भाई, यहां तक कि गुजर चुकी मां और रिश्तेदारों को भी मुजरिम बना दिया गया। नगर पालिका के तत्कालीन अध्यक्ष अजहर खान अब भी जेल में हैं।”
उन्होंने कहा, “जेल उसे जाना चाहिए जिसने झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई। हमने बेगुनाही की जेल काटी है। हमारी पत्नी ने तीन साल जेल में बिताए, बेटा दो बार विधायक रहा, लेकिन चार साल जेल काटनी पड़ी।”
कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए आजम खान ने कहा, “आज हम जिस मुकदमे में बरी हुए हैं, उसके लिए अदालत का बहुत-बहुत शुक्रिया। हमने पांच साल जेल की उस कोठरी में गुजारे हैं, जिसमें कोई पांच मिनट भी नहीं रह सकता।”
- ऑपरेशन ‘खैर’: रामपुर वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, पंजाब से 500 क्विंटल बेशकीमती लकड़ी बरामद

- आजम खान की जेल में बिगड़ी तबीयत, पत्नी तंज़ीन फातिमा और यूसुफ मलिक ने जताई गहरी चिंता

- रामपुर: वन माफियाओं के खूनी खेल पर भारी ‘वन रक्षक’, DFO ने खुद संभाला मोर्चा, करोड़ों की खैर लकड़ी बरामद

- रामपुर: ‘मिशन शक्ति 5.0’ के तहत महिलाओं को सिखाए गए सुरक्षा के गुर, हेल्पलाइन नंबरों के प्रति किया जागरूक

- रामपुर: जिला पंचायत परिसर में वरिष्ठ अधिवक्ता की गोली मारकर हत्या, मुस्तफा हुसैन ने की गहन जांच की मांग

