रामपुर (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में प्रशासन ने भू-माफियाओं और अवैध अतिक्रमण के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। मिलक तहसील प्रशासन ने मुरादाबाद-बरेली नेशनल हाईवे के पास स्थित करोड़ों रुपये की सरकारी जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त करा लिया है। इस जमीन पर साल 2016 से ‘कर्बला’ के नाम पर अवैध कब्जा किया गया था।
सवा करोड़ की जमीन कराई गई मुक्त
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, मुक्त कराई गई सरकारी भूमि का कुल क्षेत्रफल सवा दो बीघा (गाटा संख्या 283/1 और 283/2) है। बाजार में इस कीमती जमीन की अनुमानित कीमत 1.25 करोड़ रुपये (सवा करोड़) से अधिक आंकी गई है।
भारी पुलिस बल के साथ गरजी जेसीबी
अतिक्रमण हटाने की यह कार्रवाई उप जिलाधिकारी (SDM) अनुराग सिंह के नेतृत्व में की गई। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रशासन ने जेसीबी (JCB) और ट्रैक्टरों की मदद से जमीन पर किए गए अवैध निर्माण और बाउंड्री वॉल को ध्वस्त कर दिया और भूमि को उसके मूल स्वरूप में बहाल कर दिया।
क्या है पूरा मामला?
अधिकारियों ने बताया कि साल 2016 में सपा सरकार के कार्यकाल के दौरान इस सरकारी जमीन पर हेरफेर कर इसे ‘कर्बला’ के रूप में दर्ज कराने का प्रयास किया गया था और इस पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया था। मामला संज्ञान में आने के बाद प्रशासन ने पूरी जांच की और जमीन के सरकारी होने की पुष्टि होने के बाद यह सख्त कदम उठाया।
प्रशासन की चेतावनी: उप जिलाधिकारी ने साफ तौर पर कहा है कि सरकारी संपत्तियों पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में भी यदि जिले में कहीं सरकारी भूमि पर अतिक्रमण पाया जाता है, तो इसी तरह की बुलडोजर कार्रवाई जारी रहेगी।
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