कोरोना महामारी को लेकर दुनिया में कई तरह के दावे किए जा रहे हैं। वहीं, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसको लेकर एक बयान जारी किया है।
दुनिया में कोरोना महामारी अभी भी परेशान किये हुए है। हालांकि लोगों का जीवन धीरे-धीरे अपने ढर्रे पर चलने लगा है लेकिन अभी भी ये वारस पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है।
इस बीच कोविड-19 को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की ओर से एक अहम बयान आया है। इस बयान में कहा गया है कि इस साल कोविड मौसमी फ्लू जैसा खतरा बन सकता है।
डब्ल्यूएचओ(W.H.O) ने शुक्रवार (17 मार्च) को कहा कि कोविड-19 महामारी इस हद तक स्थिर हो सकती है कि ये फ्लू जैसा खतरा पैदा कर दे। डब्ल्यूएचओ के आपातकालीन निदेशक माइकल रयान ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “मुझे विश्वास है कि ये साल आएगा.” उन्होंने आगे कहा, “मुझे लगता है कि हम उस मोड़ पर आ रहे हैं जब हम कोविड-19 को उसी तरह देख सकते हैं जैसे मौसमी इंन्फ्लूएंजा को देखते हैं. ऐसे वायरस के रूप में जो स्वास्थ्य के लिए खतरा रहेगा, वो वायरस जो मारना जारी रखेगा, लेकिन हमारे समाज को बाधित नहीं कर रहा है।”
डब्ल्यूएचओ कोविड की उत्पत्ति के रहस्य को लेकर चिंतित है। इसी बीच वैज्ञानिकों की एक टीम ने नया दावा किया है कि कोविड वायरस संक्रमित रैकून कुत्तों (Raccoon Dog) से फैला हो सकता है। ये चीन के वुहान में एक सीफूड बाजार में अवैध रूप से बेचे जाते हैं।
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