दुनिया की तमाम कोशिशों के बाद रूस ने यूक्रेन पर हमला कर दिया है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के ऐलान के बाद यूक्रेन में कई जगह धमाके हो रहे हैं। कुछ लोग इस जंग में तीसरे विश्व युद्ध की आहट देख रहे हैं।
यूक्रेन(Ukraine) में डॉक्टरी की पढ़ाई करने गए संभल(Sambhal) के अलग-अलग गांव के 10 छात्र इस समय रूस और यूक्रेन के युद्ध के बीच फंस चुके हैं। रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद सभी छात्रों के परिजन चिंतित हैं और मोबाइल फोन पर पल पल की जानकारी लेकर उनकी सलामती की दुआ कर रहे हैं।
सलामती की दुआ
यूक्रेन में फंसे किसी छात्र के घर में माँ-बहनें ईश्वर से सलामती की दुआ कर रही हैं तो किसी छात्र के घर पर लोगों का जमावड़ा लगा हुआ है जो कि परिवार को ढांढस बना रहे हैं।
रूस और यूक्रेन के बीच छिड़ी जंग के बाद अब छात्रों के परिजन भारत सरकार से छात्रों को सुरक्षित अपने वतन वापस लाने की भी गुहार लगा रहे हैं।
यूक्रेन का पांच रूसी विमानों और एक हेलीकॉप्टर को मार गिराने का दावा
युद्ध की खबर मिलते ही छात्रों के परिजन अपने अपने बच्चों से वीडियो कॉल के जरिए हालात की जानकारी लेने में लगे हैं। जिसमें यूक्रेन के खारकीव में रह रहे मदाला गांव के 3 छात्रों ने परिजनों से वीडियो कॉल पर बातचीत के दौरान हालात खराब बताए हैं और कहा कि 7 किलोमीटर की दूरी पर ही मिसाइल हमला हुआ है। इन हमलों से स्थिति ज्यादा भयावह हो गयी है और चारों तरफ भगदड़ का माहौल है।
छात्रों ने फिलहाल राशन का सामान खरीदकर घरों में रख लिया है। छात्रों के द्वारा बताए इस मंजर को सुनकर फिलहाल परिजन भी सहम गए हैं।
इसी तरह से परियावली गांव का निवासी फैसल भी यूक्रेन मैं ही फंसा हुआ है जिसकी सलामती के लिए उसकी माँ बहन और पिता सहित परिजन इस समय घर में क़ुरआन पढ़कर सलामती की दुआ कर रहे हैं।
इसी तरह से संभल के रुक्नुद्दीन सराय,सदीरनपुर,हाजीपुर गाँव के बच्चे भी यूक्रेन में ही फंसे हैं। जिसमें कुछ छात्र परिजनों से सुरक्षति होने की बात कह रहे हैं तो कुछ छात्र चारों तरफ खतरा होने की बात भी बता रहे हैं।
- केरल में सतीशन युग की शुरुआत: वीडी सतीशन होंगे नए मुख्यमंत्री, आलाकमान ने लगाई मुहर

- फोर्ब्स मिडिल ईस्ट 2026 सूची: एम. ए. यूसुफ अली बने सबसे अमीर मलयाली; नौ भारतीयों ने बनाई जगह

- बदायूं: कछला गंगा घाट पर मातम में बदली अंतिम विदाई, चौथे दिन मिला फिरोजाबाद के युवक का शव

- बदायूं: आंधी-तूफान का कहर, ट्यूबवेल की कोठरी पर पेड़ गिरने से महिला की मौत, कई घायल

- उर्दू देश की साझा विरासत, इसके विकास की जिम्मेदारी हम सब पर: डॉ. सैयद अहमद खां

