चतरा (झारखंड): जिले के प्रखंड बड़गांव में मंगलवार की सुबह हिंसा की एक भयावह घटना में युवक मोहम्मद इमरोज़ (आयु अनुमानित) की भीड़ ने लाठी-डंडे और पत्थरों से पीट-पीटकर हत्या कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना स्थानीय रंजिश और माहौल खराब करने वाले मामलों के कारण भड़की।
प्रत्यक्षदर्शी और स्थानीय लोगों ने बताया कि रात पहले कुछ शरारती तत्वों ने दो समुदायों के साथ छेड़खानी और अपहरण का झूठा आरोप फैलाया, जिससे तनाव बढ़ गया। मंगलवार सुबह सैकड़ों की भीड़ इमरोज़ के घर के बाहर जमा हो गई और बाद में घर से बाहर खींचकर भीड़ ने उसे लाठी-डंडे और पत्थरों से बुरी तरह पीटा। पुलिस मौके पर मौजूद थी, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस और प्रशासन बचाने के बावजूद स्थिति नियंत्रित नहीं कर पाए और कई बार बचाव के प्रयासों के बावजूद भीड़ ने हमला जारी रखा।
घायल इमरोज़ को प्राथमिक उपचार के लिए पहले टंडवा स्वास्थ्य केंद्र लेकर जाया गया। वहां से बेहतर इलाज के लिए उसे हजारीबाग रेफर किया गया, लेकिन रास्ते या हजारीबाग पहुंचने के बाद उसने अस्पताल में दम तोड़ दिया। स्थानीय प्रशासन ने कहा कि मामला संवेदनशील है और जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस ने प्रारंभिक तौर पर मामला दो समुदायों के बीच तनाव और अफवाहों से जुड़ा बताया है। थाना स्तर और स्थानीय प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, अधिकारियों ने भीड़ में शामिल लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है। तथापि स्थानीय लोगों का आरोप है कि मौके पर पुलिस ने सक्रिय ढंग से हस्तक्षेप नहीं किया और कुछ बचाव करने वालों को भी भीड़ ने निशाना बनाया।
पुलिस अधिकारी ने कहा, “हम पूरी घटना की जांच कर रहे हैं। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।” जिला प्रशासन ने भी शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने और समुदायों के नेताओं के साथ बातचीत करने की बात कही है।
यह घटना उस क्षेत्र में बढ़ते तनाव और अफवाहों के खतरों की सहमा देने वाली मिसाल है। मीडिया रिपोर्टिंग और सोशल मीडिया पर फैल रही सूचनाओं को लेकर जिला प्रशासन ने शांतिपूर्ण व्यवहार बरतने और अफवाहों पर भरोसा न करने की अपील की है।
जांच में मिलने वाली जानकारी और अधिकारी के बयान मिलते ही रिपोर्ट अपडेट की जाएगी। परिवार के सदस्य, स्थानीय प्रत्यक्षदर्शी और अस्पताल के मेडिकल स्टाफ से विस्तृत बयान उपलब्ध कराए जाने पर उन्हें शामिल किया जाएगा।
