नई दिल्ली: जामिया मिलिया इस्लामिया की जामा मस्जिद के लंबे समय तक इमाम और खतीब रहे मौलाना कारी मोहम्मद सुलेमान कासमी का गुरुवार रात निधन हो गया। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे और दिल्ली के साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से जामिया मिलिया इस्लामिया परिसर और दिल्ली के मुस्लिम समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई।
जामिया की जामा मस्जिद से गहरा जुड़ाव
कारी मोहम्मद सुलेमान कासमी ने लंबे समय तक जामिया मिलिया इस्लामिया की जामा मस्जिद में इमाम और खतीब के रूप में सेवाएं दीं। नमाज की इमामत के साथ-साथ वह जुमा और अन्य मौकों पर खुतबा भी देते थे। अपने धार्मिक ज्ञान, सादगी और विनम्र व्यवहार के कारण वह जामिया समुदाय और आसपास के लोगों के बीच सम्मानित थे।
जामिया की जामा मस्जिद से उनका जुड़ाव केवल धार्मिक जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं था। लंबे समय तक वहां सेवाएं देने के कारण विश्वविद्यालय के छात्रों, शिक्षकों, कर्मचारियों और स्थानीय लोगों से उनका गहरा संबंध बन गया था। उनके निधन को जामिया समुदाय ने एक महत्वपूर्ण धार्मिक और सामाजिक व्यक्तित्व की क्षति बताया है।
लंबी बीमारी के बाद हुआ इंतकाल
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, मौलाना कारी मोहम्मद सुलेमान कासमी पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थे। उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान गुरुवार रात उनका निधन हो गया। वह 83 वर्ष के थे।
उनके निधन की सूचना मिलते ही परिजनों, परिचितों और जामिया मिलिया इस्लामिया से जुड़े लोगों में शोक फैल गया। दिल्ली के विभिन्न मुस्लिम धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं ने भी उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया।
जामिया के कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक
कारी मोहम्मद सुलेमान कासमी की नमाज-ए-जनाजा जामिया मिलिया इस्लामिया की जामा मस्जिद में अदा की गई। इसके बाद उन्हें जामिया के कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। जनाजे में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और लोगों ने मरहूम के लिए मगफिरत की दुआ की।
नमाज-ए-जनाजा में जामिया मिलिया इस्लामिया से जुड़े लोगों के अलावा दिल्ली और आसपास के इलाकों से आए धार्मिक, सामाजिक और स्थानीय लोग भी शामिल हुए। लोगों ने कहा कि कारी सुलेमान कासमी ने लंबे समय तक धार्मिक सेवाएं देकर समाज और जामिया समुदाय के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया।
शोक की लहर
उनके निधन पर जामिया मिलिया इस्लामिया से जुड़े लोगों और दिल्ली के मुस्लिम समुदाय ने गहरा शोक जताया है। शोक व्यक्त करने वालों ने कहा कि कारी मोहम्मद सुलेमान कासमी का निधन धार्मिक और सामाजिक क्षेत्र के लिए बड़ी क्षति है। उनके चाहने वालों ने उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए अल्लाह से उन्हें जन्नतुल फिरदौस अता करने की दुआ की।
इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन।
- जामिया मिलिया इस्लामिया की जामा मस्जिद के इमाम कारी मोहम्मद सुलेमान कासमी का निधन

- UCC पर गृह मंत्री के बयान से नई चिंता, मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने उठाए गंभीर सवाल

- सरकारी स्तर पर ‘हिंदी दिवस’ की तर्ज़ पर ‘उर्दू दिवस’ मनाने की मांग का स्वागत: डॉ. सैयद अहमद ख़ाँ

- जामिया मिलिया इस्लामिया में आधी रात को सड़क पर उतरीं छात्राएं, मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप

- मैनपुरी में स्कूल से लौट रही 11वीं की छात्रा से छेड़छाड़, विरोध करने पर आरोपी ने होंठ पर काटा; मुकदमा दर्ज

- दिल्ली: सत्य निकेतन में 40-50 साल पुरानी PG इमारत ढही, 5 की मौत और 11 सुरक्षित निकाले गए

- MLS लॉ एकेडमी ने मनाया ‘शाइनिंग स्टार समारोह 2026’; 77 सफल छात्रों को वरिष्ठ पत्रकार मुन्ने भारती ने दी बधाई

- दिल्ली में पत्रकारों पर पुलिसिया हमला: शाहीन खान और नफीसा खान के साथ कथित मारपीट का पूरा मामला

- टीएनपी ग्रुप ने मनाई संस्थापक त्रिभुवन नाथ पांडेय की 30वीं पुण्यतिथि, सत्यनिष्ठा और राष्ट्र सेवा का लिया संकल्प

