सुशीला कार्की ने 12 सितंबर को नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। नई सरकार में ओमप्रकाश अर्याल, रामेश्वर खनाल, कुलमान घीसिंग और बालानंद शर्मा जैसे चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह मिली है। जानिए नई कैबिनेट के अहम बिंदु और Gen-Z की पसंद के मंत्री कौन हैं।
नेपाल की राजनीति में बड़े बदलाव के बीच अब अंतरिम सरकार के मंत्रियों के नाम सामने आ गए हैं। सुशीला कार्की ने 12 सितंबर को नेपाल की पहली महिला अंतरिम प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ली थी। पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को भ्रष्टाचार विरोधी हिंसक प्रदर्शनों के बढ़ते दबाव के चलते पद छोड़ना पड़ा था।
शीतल निवास (राष्ट्रपति भवन) के सूत्रों के मुताबिक, अंतरिम सरकार के अहम मंत्रियों पर सहमति बन चुकी है और नाम राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल को भेज दिए गए हैं।
- ओमप्रकाश अर्याल – गृह मंत्री
- रामेश्वर खनाल – वित्त मंत्री
- कुलमान घीसिंग – ऊर्जा मंत्री
- बालानंद शर्मा – रक्षा मंत्री
बताया जा रहा है कि नई कैबिनेट के गठन में युवाओं और Gen-Z की पसंद को ध्यान में रखकर चेहरों का चयन किया गया है।
- फोर्ब्स मिडिल ईस्ट 2026 सूची: एम. ए. यूसुफ अली बने सबसे अमीर मलयाली; नौ भारतीयों ने बनाई जगह

- मिडिल ईस्ट संकट: ईयू ने प्रभावित सेक्टरों के लिए ‘अस्थायी सहायता फ्रेमवर्क’ लागू किया

- भारत और ईरान के बीच उच्च स्तरीय वार्ता: जयशंकर और अराघची ने की क्षेत्रीय संकट पर चर्चा

- माली में सेना की बड़ी एयर स्ट्राइक: 100 से ज़्यादा आतंकी ढेर, रक्षा मंत्री सादियो कामारा की मौत

- बड़ी कूटनीतिक जीत: पाकिस्तान की मध्यस्थता के बाद अमेरिका और ईरान 2 सप्ताह के युद्धविराम पर सहमत

- दुनिया भर में ईरानी दूतावासों ने ट्रंप की धमकियों का मजाक में उड़ा दिया, ट्वीट हो रहे वायरल

- तुर्की के खुफिया प्रमुख का चेतावनी भरा बयान: ईरान पर हमला दशकों तक चलने वाले क्षेत्रीय युद्ध की नींव डाल रहा है

- मध्य पूर्व की जंग में कूदे हूती विद्रोही, इजरायल पर दूसरी बार मिसाइल हमला; तेल अवीव को बनाया निशाना

- ‘मित्र देशों के जहाज गुजर सकेंगे’: होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान ने भारत समेत इन 5 देशों को दी खास छूट

- ईरान-इजरायल युद्ध: ट्रम्प प्रशासन को लगा दोहरा झटका; बेन गुरियन एयरपोर्ट पर भीषण हमला और हथियारों की भारी कमी

- ईरान का इज़राइल पर बड़ा मिसाइल हमला: तेल अवीव सहित मध्य इज़राइल में भारी विस्फोट, आपातकाल घोषित

- खामेनेई का निधन और मध्य-पूर्व में महायुद्ध की आहट

