नार्वे, स्पेन और आयरलैंड ने फ़िलस्तीन को दी मान्यता, सऊदी अरब ने किया फैसले का स्वागत

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सऊदी अरब ने फ़िलिस्तीनी राज्य को मान्यता देने के नॉर्वे, स्पेन और आयरलैंड के फैसले का स्वागत किया है।

सऊदी विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि तीनों देशों की सराहनीय पहल अंतरराष्ट्रीय सहमति की पुष्टि करती है।

बयान में कहा गया है कि फिलिस्तीनी लोगों को आत्मनिर्णय का अंतर्निहित अधिकार है और अन्य देशों को भी जल्द से जल्द फिलिस्तीनी राज्य को मान्यता देने की स्थिति लेनी चाहिए।

गौरतलब है कि तीन महत्वपूर्ण देशों नॉर्वे, आयरलैंड और स्पेन ने फिलिस्तीन को एक राज्य के रूप में मान्यता देने की घोषणा की है।

यूरोप के तीन देशों नार्वे, स्पेन और आयरलैंड ने फिलिस्तीन को एक देश के रूप में मान्यता देने के फैसले की खबर आते ही मध्य पूर्व में हलचल मच गई। फिलिस्तीन को अलग-थलग करने की कोशिश में लगे इजरायल के लिए तो यह एक बड़े झटके की तरह था।

प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के लिए ये निजी हार की तरह है, जो इजरायल फिलिस्तीन विवाद के द्वि-राष्ट्र समाधान के कट्टर विरोधी रहे हैं। नेतन्याहू का गुस्सा उनके बयानों में भी नजर आया। उन्होंने कहा कि ये आतंकवादियों को इनाम देने जैसा है। 

विदेशी समाचार एजेंसी के अनुसार, नॉर्वे के प्रधान मंत्री जोनास गार्ड स्टॉर ने फिलिस्तीनी राज्य को मान्यता देने के कदम की पुष्टि की और कहा कि फिलिस्तीन को मान्यता देने का उद्देश्य अन्य देशों को यह संदेश देना है कि फिलिस्तीन को एक स्वतंत्र राज्य की मान्यता दिए बिना मध्य पूर्व में शांति स्थापित नहीं की जा सकती है।

आयरिश प्रधान मंत्री साइमन हैरिस ने भी फ़िलिस्तीनी राज्य को मान्यता देने की पुष्टि की है और कहा है कि आयरलैंड फ़िलिस्तीनी राज्य को मान्यता देगा।

स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ ने संसद द्वारा फ़िलिस्तीनी राज्य को मान्यता देने के प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने का स्वागत करते हुए कहा कि हमें दो-राज्य समाधान का सम्मान करना होगा और इस मुद्दे पर संयुक्त सुरक्षा भी ज़रूरी है। यह ज़रूरी है दोनों पक्ष शांति के लिए बातचीत कर रहे हैं और यही फिलिस्तीन को मान्यता देने का कारण है। फिलिस्तीन को मान्यता देने के कई कारण हैं जिन्हें तीन शब्दों ‘शांति, न्याय और स्थिरता’ में व्यक्त किया जा सकता है।

पेड्रो सांचेज़ का कहना है कि स्पेन 28 मई को फ़िलिस्तीन को एक राज्य के रूप में मान्यता देगा, जबकि नॉर्वे के विदेश मंत्री ने भी 28 मई को आधिकारिक तौर पर फ़िलिस्तीन को एक राज्य के रूप में मान्यता देने की घोषणा की है।

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