नई दिल्ली, 18 सितंबर 2024: बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने हाल ही में एक कार्यक्रम में भारतीय न्यायपालिका पर सवाल उठाए। उन्होंने उमर खालिद, शरजील इमाम और अन्य कार्यकर्ताओं के मामलों में देरी को लेकर कड़ी आलोचना की, जो 2020 के दिल्ली दंगों के बाद देशद्रोह और यूएपीए के तहत गिरफ्तार किए गए थे। स्वरा ने कहा कि इन कार्यकर्ताओं को मुस्लिम होने के कारण निशाना बनाया गया, जबकि उन्हें जेल नहीं भेजा गया क्योंकि वह एक हिंदू परिवार में पैदा हुई थीं।
कार्यक्रम के दौरान स्वरा ने कहा, “मैं भी विरोध में शामिल थी, आवाज उठाई थी, लेकिन मुझे जेल क्यों नहीं भेजा गया? क्योंकि संयोग से मैं एक हिंदू परिवार में पैदा हुई। उन्होंने सोचा होगा कि मुझे जेल भेजना कुछ ज़्यादा हो जाएगा।”
उन्होंने दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश अमित शर्मा पर भी सवाल उठाए, जिन्होंने उमर खालिद और शरजील इमाम के जमानत याचिका सुनवाई से खुद को अलग कर लिया। स्वरा ने पूछा, “आप डरते क्यों हैं? आप पढ़े-लिखे हैं, हम जो टैक्स देते हैं उससे आपकी तनख्वाह मिलती है, फिर आप अपने कर्तव्यों से क्यों हट रहे हैं?”
स्वरा ने अंत में कहा कि वह केवल चाहती हैं कि न्यायपालिका अपना काम करे। “न्याय शब्दों से नहीं, बल्कि कार्यों से होता है। हम ज़्यादा कुछ नहीं मांग रहे, बस आप अपना काम करिए,” उन्होंने कहा।
कार्यक्रम में मशहूर स्टैंडअप कॉमेडियन कुणाल कामरा भी खूब बोले। स्वरा की तरह ही अपनी भावना व्यक्त करते हुए उन्हों ने कहा ,”मैं एक हिंदू हूँ, इसलिए मैं आपके सामने यहाँ बोल रहा हूँ, अगर मैं मुसलमान होता तो मैं उमर खालिद और दूसरों की तरह एक फोटो में होता।”
गौरतलब है कि उमर खालिद और शरजील इमाम पर 2020 के दिल्ली दंगों में साजिशकर्ता होने का आरोप लगाया गया था, और उन्हें यूएपीए और देशद्रोह के आरोपों में गिरफ्तार किया गया था।
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