ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने 14वें दिन चल रहे विरोध प्रदर्शनों को अमेरिका-इज़राइल की साजिश बताया। भ्रष्टाचार पर सख्ती का ऐलान, 192 मौतें।
तेहरान: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने देश में चल रहे विरोध प्रदर्शनों को दंगों का रूप देकर अमेरिका और इज़राइल पर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि ये प्रदर्शन विदेशी शक्तियों की साजिश का हिस्सा हैं।
राष्ट्रपति ने ईरानी मीडिया से बातचीत में स्पष्ट रूप से अमेरिका और इज़राइल पर नापाक मंसूबों से ईरान में अराजकता और भ्रष्टाचार फैलाने का इल्ज़ाम लगाया। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक शांति के लिए दंगाइयों व आतंकवादियों से दूरी बनाए रखें तथा अराजकता को फैलने न दें।
पेज़ेश्कियान ने जनता को भरोसा दिलाया कि सरकार न्याय सुनिश्चित करने और जनहित के मुद्दों को हल करने के लिए कदम उठा रही है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि कोई विदेशी ताकत ईरान में अस्थिरता नहीं पैदा कर सकती, इसलिए ईरानी जनता को एकजुट होकर देश की हिफाज़त करनी चाहिए।
राष्ट्रपति ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती का ऐलान किया और सभी से अशांति न फैलाने व दूसरों को नुकसान न पहुंचाने की अपील की। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति की आलोचना करते हुए कहा कि अमेरिका को वेनेज़ुएला, गाज़ा और अन्य देशों में अपनी कार्रवाइयों पर शर्मिंदगी महसूस करनी चाहिए।
ईरानी दूतावास ने राष्ट्रपति के भाषण के मुख्य बिंदु जारी करते हुए बताया कि सरकार लोगों के जीवन स्तर सुधारने और समाज के हर वर्ग को प्रदर्शनों के खिलाफ एकजुट करने के प्रयासरत है। गौरतलब है कि ईरान में ये विरोध प्रदर्शन 14वें दिन में प्रवेश कर चुके हैं। ईरानी मानवाधिकार संगठनों के मुताबिक, दो हफ्ते से जारी इन प्रदर्शनों में 192 से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं।
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