व्यावसायिक विवादों के समाधान में ‘मीडिएशन’ अनिवार्य और प्रभावी विज्ञान: जे.के. महेश्वरी(सुप्रीम कोर्ट जज)

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सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस जे.के. महेश्वरी ने कहा- व्यावसायिक विवादों में मीडिएशन अब वैज्ञानिक न्याय प्रक्रिया। दिल्ली मीडिएशन कॉन्फ्रेंस में रामायण-महाभारत के उदाहरण दिए। पढ़ें पूरी खबर।

नई दिल्ली, 11 जनवरी 2026: सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति जे.के. महेश्वरी ने कहा कि व्यावसायिक विवादों के त्वरित, प्रभावी और स्थायी समाधान के लिए मीडिएशन अब वैकल्पिक व्यवस्था नहीं रही, बल्कि यह एक सुव्यवस्थित, वैज्ञानिक न्यायिक प्रक्रिया बन चुकी है, जिसे कानूनी प्रणाली में अनिवार्य स्थान मिल रहा है। वे नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित ग्लोबल मीडिएशन कॉन्फ्रेंस को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। सम्मेलन ब्रिटेन की मीडिएशन संस्था रिजॉल्विफाई (Resolveify) द्वारा आयोजित किया गया।

न्यायमूर्ति महेश्वरी ने जोर देकर कहा कि मीडिएशन केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि विज्ञान-आधारित न्याय तंत्र है, जो पक्षकारों के बीच विश्वास, संवाद और आपसी समझ बढ़ाता है। खासकर व्यावसायिक मामलों में, जहां लंबी अदालती प्रक्रियाएं संबंधों को जटिल बनाती हैं, मीडिएशन व्यावहारिक व मानवीय समाधान देता है।

उन्होंने मीडिएशन की ऐतिहासिक जड़ें बताते हुए भारतीय सभ्यता के उदाहरण दिए। त्रेता युग में जाम्बावन ने भगवान राम को शांति के लिए मीडिएशन सुझाया, जिसके तहत अंगद को रावण के दरबार में दूत भेजा गया। द्वापर युग में श्रीकृष्ण ने कौरव-पांडव विवाद सुलझाने की मध्यस्थता की। हालांकि, दोनों मामलों में मध्यस्थ का किसी पक्ष से निकट संबंध होने से निष्पक्षता प्रभावित हुई और प्रयास विफल रहा। न्यायमूर्ति ने स्पष्ट किया कि सफल मीडिएशन के लिए निष्पक्षता और विश्वास अनिवार्य हैं।

सम्मेलन में विधि, न्याय और सामाजिक क्षेत्र की हस्तियां शामिल रहीं, जिनमें स्टुअर्ट हैंसन, एडवोकेट प्रदीप राय, एडवोकेट तरुण राणा, अतुल सिंघल जैसे विशेषज्ञ प्रमुख थे।

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज (सेवानिवृत्त) विनीत सरन ने कहा कि आधुनिक कानूनी ढांचे में मीडिएशन न्याय प्रक्रिया को तेज करता है और विवादों के मानवीय पक्ष को संबोधित करता है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष आदेश अग्रवाल ने वकीलों से मीडिएशन कौशल विकसित करने और वैकल्पिक विवाद समाधान (ADR) को प्रोत्साहित करने का आह्वान किया।

आयोजक और ब्रिटेन के पेशेवर मीडिएटर चिराग मित्तल ने बताया कि उनकी संस्था वैश्विक स्तर पर कम लागत वाले सौहार्दपूर्ण विवाद समाधान का मंच प्रदान करती है।

समापन पर सभी वक्ताओं ने सहमति जताई कि अदालतों से बाहर विवाद निपटाना न्यायपालिका का बोझ कम करेगा तथा व्यावसायिक जगत में विश्वास, सहयोग और दीर्घकालिक संबंध मजबूत करेगा, जो मजबूत अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी है।

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