पाकिस्तान ने अवैध रूप से रह रहे अफगान नागरिकों को देश से निकालने की प्रक्रिया के तहत 20 दिनों बाद तोरखम सीमा दोबारा खोल दी है। सीमा खुलते ही सैकड़ों अफगान शरणार्थी अपने वतन लौटने के लिए तोरखम इमिग्रेशन सेंटर पहुंच गए हैं, जहां आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर उन्हें अफगानिस्तान जाने की अनुमति दी जा रही है।
खैबर ज़िले के उपायुक्त बिलाल शाहिद ने बताया कि फिलहाल सीमा केवल निर्वासन प्रक्रिया के लिए खोली गई है, जबकि सीमा पार व्यापार और पैदल यातायात अगली सूचना तक बंद रहेगा। उन्होंने कहा कि 11 अक्टूबर को पाक-अफगान तनाव के चलते इस सीमा को सभी प्रकार के आवागमन के लिए बंद किया गया था।
यूएनएचसीआर के प्रवक्ता कैसर खान अफरीदी के अनुसार, 8 अक्टूबर तक लगभग 6 लाख 15 हजार अवैध अफगान नागरिकों को तोरखम के ज़रिए अफगानिस्तान वापस भेजा जा चुका है।
- फोर्ब्स मिडिल ईस्ट 2026 सूची: एम. ए. यूसुफ अली बने सबसे अमीर मलयाली; नौ भारतीयों ने बनाई जगह

- मिडिल ईस्ट संकट: ईयू ने प्रभावित सेक्टरों के लिए ‘अस्थायी सहायता फ्रेमवर्क’ लागू किया

- भारत और ईरान के बीच उच्च स्तरीय वार्ता: जयशंकर और अराघची ने की क्षेत्रीय संकट पर चर्चा

- माली में सेना की बड़ी एयर स्ट्राइक: 100 से ज़्यादा आतंकी ढेर, रक्षा मंत्री सादियो कामारा की मौत

- बड़ी कूटनीतिक जीत: पाकिस्तान की मध्यस्थता के बाद अमेरिका और ईरान 2 सप्ताह के युद्धविराम पर सहमत

