सरयू यमुना एक्सप्रेस में गूंजी किलकारी: पंजाब से बिहार जा रही गर्भवती महिला ने ट्रेन में दिया बच्ची को जन्म, GRP और मेडिकल टीम ने पेश की मिसाल

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Saryu Yamuna Express delivery
सरयू यमुना एक्सप्रेस में गूंजी किलकारी

रामपुर (अरमान ख़ान): चलती ट्रेन में एक बार फिर रेलवे प्रशासन और सह-यात्रियों की तत्परता से एक मां और उसके नवजात शिशु की जान बच गई। पंजाब से बिहार लौट रही एक गर्भवती महिला को ट्रेन में अचानक प्रसव पीड़ा (लेबर पेन) शुरू हो गया। सूचना मिलते ही रामपुर राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) और मेडिकल टीम ने तत्परता दिखाई और महिला का सुरक्षित प्रसव कराया। फिलहाल मां और नवजात बच्ची दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं।

मां से मिलकर लौट रही थी बिहार

मिली जानकारी के अनुसार, बिहार के पूर्वी चंपारण की रहने वाली पिंकी (पति मंजीत साहनी) पंजाब में अपनी मां से मिलने गई थीं। वह ट्रेन संख्या 14650 सरयू यमुना एक्सप्रेस के जनरल कोच में सवार होकर वापस बिहार लौट रही थीं। गुरुवार तड़के करीब दो बजे अचानक उन्हें तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। जनरल बोगी में महिला की हालत देख सह-यात्रियों ने तुरंत इसकी सूचना रेलवे कंट्रोल रूम को दी।

रामपुर स्टेशन पर पहले से मुस्तैद थी टीम

रेलवे कंट्रोल से मैसेज फ्लैश होते ही रामपुर जीआरपी और रेलवे प्रशासन तुरंत अलर्ट मोड पर आ गया। आनन-फानन में एम्बुलेंस और डॉक्टरों की एक विशेष टीम को रामपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 2/3 पर तैनात कर दिया गया।

जैसे ही ट्रेन रामपुर स्टेशन पर आकर रुकी, वहां पहले से मौजूद महिला आरक्षियों (लेडी कांस्टेबल्स) और सह-यात्री महिलाओं ने मोर्चा संभाला। पिंकी को बेहद सावधानी से ट्रेन से नीचे उतारा जा रहा था, तभी उन्होंने एक सुंदर बच्ची को जन्म दिया।

डॉक्टरों की देखरेख में कराया गया प्रसव: प्लेटफॉर्म पर ही मेडिकल टीम ने महिला को प्राथमिक उपचार दिया और नाल काटने व अन्य जरूरी प्रक्रियाएं पूरी कीं।

जिला अस्पताल में भर्ती, दोनों स्वस्थ

प्राथमिक उपचार के बाद एम्बुलेंस की मदद से मां और नवजात बच्ची को तुरंत जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक, समय पर मेडिकल सहायता मिलने के कारण जच्चा और बच्चा दोनों पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ हैं। पिंकी के परिजनों ने संकट के समय देवदूत बनकर आए सह-यात्रियों, रेलवे प्रशासन और रामपुर GRP का दिल से आभार जताया है।