जनपद रामपुर में एक दलित छात्र की टीसी पर जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल करने पर छात्र के परिजनों में आक्रोश है। उन्होंने जिलाधकारी से इसकी शिकायत और टीसी जारी करने वाले टीचर को गिरफ्तार करने की मांग की है। वहीं इस शिकायत पर जिलाधिकारी ने टीसी जारी करने वाले टीचर को बुलाकर पूछा तो उन्होंने बताया कि जो एडमीशन के वक़्त रजिस्टर में नाम लिखा था वही टीसी पर लिखा है। इस पर डीएम ने टीचर को छात्र के परिजनों से हलफनामा लेकर रजिस्टर में नाम सुधारने को कहा है।
जनपद रामपुर के मोहल्ला झूले वाली इमली पर स्थित प्राथमिक विद्यालय में एक दलित छात्र की टीसी जारी की गई जिस पर जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया था। इससे दलित समाज में काफी आक्रोश है। उन्होंने इस बात की शिकायत जिलाधिकारी से की और टीचर की गिरफ्तारी की मांग की है।
इस मामले पर हमने छात्र के पिता गुरदीन से बात की तो उन्होंने बताया कि मेरा लड़का अनिकेत जो सरकारी स्कूल में पढ़ता है वे पांचवीं की टीसी लेकर आया तो हमने देखा कि उसमें बाल्मीकि की बजाए भंगी लिखा हुआ है और सफाई कर्मचारी की जगह लिखा है नाली निकालने वाला। छात्र के पिता ने कहा वे स्कूल में मैडम के पास गए थे तो वह और उल्टा हमारे ऊपर चढ़ बैठी। उनहोने ने कहा भंगी को भंगी नहीं देखेंगे तो क्या लिखेंगे। छात्र के पिता ने कहा आजकल तो सातों कोमें यह काम कर रही हैं। इस टीसी के आधार पर ही तो आगे एडमिशन होगी जब यही गलत है तो आगे एडमिशन क्या होगी। हम चाहते हैं जल्द से जल्द इस पर कार्रवाई हो और हमे इंसाफ मिले।

वहीं इस मामले पर छात्र अनिकेत से हमने बात की तो अनिकेत ने बताया,” हम पीर के दिन टीसी लेने गए थे… मेम ने हमें बैठाया और उसके बाद हम से एक 10 ₹ वाला एक पंखा मंगवाया, उसके बाद हमें टीसी दी। टीसी लेकर हम घर आए हमारे चाचा ने जब टीसी देखी तो उन्होंने बताया की इसमें कोम की जगह इसमें भंगी लिखा हुआ है और पापा की ड्यूटी के बारे में लिखा है नालियों की सफाई करने वाला। हमने मैम से इसकी शिकायत की तो मैम ने हमसे यह कहा कि भंगी को भंगी नहीं लिखेंगे तो क्या लिखेंगे।
इस मामले पर हमने जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मादड़ से बात की तो उन्होंने बताया कि उनसे एक व्यक्ति मिला था जिसकी शिकायत थी कि उनके पुत्र की जो टीसी जारी की है उस पर बाल्मीकि ना करके गलत शब्द का इस्तेमाल किया है। उस संबंध में मैंने संबंधित टीचर को यहां बुलाया था। वह सारे दस्तावेज लेकर यहां आए थे उन्होंने कहा एडमिशन रजिस्टर में जो उनका जाति का नाम जो व्यवसाय लिखा हुआ था वही टीसी में लिखा है। इन्होंने छात्र के पिता से हलफनामे के लिए निवेदन किया था कि आप हलफनामा दे दीजिए तो जो भी इस रजिस्टर में होगा वह सुधार कर लेंगे लेकिन छात्र कर पिता ने हलफनामा दिया नही। अब मैंने टीचर से ही कहा है कि आप छात्र के पिता से व्यक्तिगत मिलकर उनसे हलफनामा लेकर इस गलती को सही कीजिए।
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