अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अल-कायदा चीफ़ अयमान अल-जवाहिरी की मौत पर अपने बयान में कहा कि अमेरिकियों को आज न्याय मिला है।
अमेरिका ने ड्रोन हमले में अल कायदा(Al Qaeda) के चीफ अयमन अल जवाहिरी(Ayman al-Zawahiri) को मार गिराया है। विदेशी मीडिया के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने ड्रोन हमले में अल-कायदा नेता अयमान अल-जवाहिरी की मौत की पुष्टि करते हुए कहा कि काबुल में उसकी मौजूदगी के स्पष्ट और पुख्ता सबूत थे, जिसने हमले की अनुमति दी और इस तरह आतंकवादी अपने अंजाम तक पहुंच गया।
71 साल का अल जवाहिरी, ओसामा बिन लादेन की मौत के बाद से आतंकी संगठन अल कायदा का लीडर था। बताया जा रहा है कि जवाहिरी जब ड्रोन से हमला हुआ तो उस वक़्त वह काबुल में एक घर में था।
अल जवाहिरी को अमेरिका ने कैसे मारा?
बाइडेन ने कहा कि खुफिया एजेंसियों ने इस साल अप्रैल में ही अयमान अल-जवाहिरी के ठिकाने का पता लगा लिया था। अयमान अल-जवाहिरी ने हाल के हफ्तों में अमेरिका और उसके सहयोगियों पर हमला करने के लिए वीडियो जारी किए थे।
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, जवाहिरी काबुल में एक घर में छिपा था। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, उसे मारने के लिए दो Hellfire मिसाइल का इस्तेमाल किया गया। ड्रोन हमले को शनिवार रात 9:48 बजे अंजाम दिया गया। खबरों के मुताबिक, जवाहिरी को निशाना बनाने से पहले राष्ट्रपति बाइडेन ने अपनी कैबिनेट और सलाहकारों के साथ कई हफ्तों तक बैठक की। अहम बात यह है कि ड्रोन हमले के समय कोई भी अमेरिकी काबुल में मौजूद नहीं था।
जो बाइडेन ने कहा कि अल-जवाहिरी की मौत के साथ, अमेरिकियों को न्याय मिला है, वे हर कीमत पर संयुक्त राज्य की रक्षा करेंगे और हर जगह अपने दुश्मनों का पीछा करेंगे।
कौन था अल जवाहिरी ?
अल जवाहिरी पिछले 11 सालों से अल कायदा की कमान को संभाल रहा था। वह कभी ओसामा बिन लादेन का पर्सनल फिजीशियन हुआ करता था। जवाहिरी इजिप्ट के प्रतिष्ठित परिवार से ताल्लुक रखता था। उसके दादा रबिया अल-जवाहिरी काहिरा में अल-अजहर यूनिवर्सिटी में इमाम थे। उसके परदादा अब्दुल रहमान आजम अरब लीग के पहले सचिव थे।
जवाहिरी को अमेरिका क्यों मारना चाहता था?
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने बताया कि अल जवाहिरी 9-11 हमले की साजिश में शामिल था। इस हमले में 2977 अमेरिकी मारे गए थे। आरोप है कि जवाहिरी ने अमेरिका पर इस आतंकी हमले के मास्टरमाइंड की साजिश में मदद की थी। 11 सितंबर, 2001 को अमेरिका पर हुए हमलों के बाद जवाहिरी छिपकर रहता था। अफगानिस्तान के पहाड़ी तोरा बोरा क्षेत्र में वह अमेरिकी हमले में इससे पहले बच गया था। उस हमले में जवाहिरी पत्नी और बच्चों की जान चली गई थी।
तालिबान ने की निंदा
वहीं तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने अमेरिकी ड्रोन हमले की निंदा करते हुए इसे दोहा शांति समझौते का उल्लंघन बताते हुए कहा कि किसी देश पर हमला करना उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कानून को चुनौती देने के बराबर है। यह अंतर्राष्ट्रीय क़ानून का भी एक गंभीर उल्लंघन है।
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