Globaltoday.in|बदायूं| सालिम रियाज़
- बदायूं में मृत गाय के शरीर को नोच नोच कर खाते जानवरों, चील-कव्वे
- गौशालाओं में मरती गायों के महापाप पर बदायूँ प्रशासन मौन
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री महोदय के मंसूबो पर बदायूँ प्रशासन फेर रहा है पानी
उत्तर प्रदेश के बदायूँ जनपद में गायों की दुर्दशा को देखते हुए युवा मंच संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ध्रुव देव गुप्ता ने आवाज़ उठायी है।
ध्रुव देव गुप्ता ने बदायूं में कहा कि जनप्रतिनिधियों शासन, प्रशासन जिम्मेदार लोगों गौशालाओं में भूख से तड़प तड़प के मरती गौमाता के लिये कुछ करो, कुछ कहीं बोलो, मंचो पर बड़ी बड़ी गौ प्रेम गौ संरक्षण के बातों के अलावा धरातल पर गौशालाओं में भूख से मरने वाली गायों के महापापा को लेकर कैसे चुनाव जीत पायेगा ? इस लिये समय रहते इस ओर ध्यान दीजिये।
आज युवा मंच संगठन के अध्यक्ष ध्रुव देव गुप्ता के द्वारा ग्राम खेड़ाजलालपुर पुख्ता फूला देवी के पास मृत गाय के शरीर को नोच नोच कर खाते जानवरों, चील-कौओं पर रोष प्रकट किया। साथ ही जानकारी करने पर पाया गया कि इस गौशाला मे ही दर्ज़नों भूख से मरने वाली गायों को इसी गौशाला में ही गड्ढे में दफना दिया गया है।
इस विषय को गम्भीरता से लेते हुये संगठन अध्यक्ष ध्रुव देव गुप्ता कहा कि उत्तर प्रदेश में गायों के रख रखाव के लिये जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने उत्तर प्रदेश में गौशालायें खुलवाई हैं जिसमें सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है। इन गौशालाओं में गायों का नियमानुसार पालन नहीं हो रहा है, इनकी दुर्दशा हो रही है। आये दिन पूरे उत्तर प्रदेश में हर गौशाला में कोई ना कोई तड़प तड़प के भूख से गौबंश मरता है। गौबंश की स्वभाविक रूप से उम्र पूरी या बीमारी से मृत्यु हो तब लगता है कि कारण है। लेकिन इन गौशालाओं में गाय भूख से मर रही हैं, यह महापाप जहाँ जहाँ हो रहा उसके प्रति शासन प्रशासन मौन है।
इसी संदर्भ में संगठन के लोकसभा प्रभारी अर्जुन शर्मा ने कहा कि ग्राम खेड़ाजलालपुर पुख्ता बदायूँ की गौ शाला में गौबवंशं तड़प तड़प के जब मरता है तो उसे चील कौए और कुत्ते नोच नोच के खाते हैं। पूर्व में कस्वा उसहैत में गौशाला में गौबंश की दुर्दशा पर बदायूँ जनपद का प्रशासन जनप्रतिनिधियों ने मौन साध लिया। वैसे तो नेताओं के बयान में मंचों से गौ माता के संरक्षण के लिये बहुत बोला जाटा है लेकिन धरातल पर गौ प्रेमी, गौ सेवक, गौ संरक्षणकर्ता को अब इस ओर ध्यान देने की ज़रूरत है कि गौशालाओं में गायों को मरने के लिये छोड़ दिया गया। ग्राम स्तर पर जो गौशालाएँ खोली गई हैं उनमें लापरवाही की हर सीमा पार कर दी गयी है। भूख से तड़प तड़प के गाय मर रही हैं लेकिन जनपद के जनप्रतिनिधियों और जनपद के प्रशाशनिक अधिकारियों को ज़रा भी इसकी चिंता नही है ।
उन्होंने कहा कि युवा मंच संगठन के द्वारा जल्द एक बैठक कर योजना बनाई जायेगी कि पूरे उत्तर प्रदेश में गौशालाओं की दुर्दशा और गौबंशों के भूख से मरने के कारण पर 10 हज़ार पोस्टकार्ड अभियान चलाया जायेगा जिसमें बदायूँ क्षेत्र में सरकारी संचालित गौशालाओं पर मौन धारण करे बैठे प्रशाशनिक अधिकारियों की शिकायत की जाएगी।
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