Globaltoday.in| रईस अहमद | रामपुर
ज्यूँ ज्यूँ उत्तर प्रदेश में 2022 में होने वाले चुनाव नज़दीक आ रहे हैं, राजनैतिक दल अपनी गोटियां बिछाने में लग गए हैं। प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार आने के बाद से समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आज़म खान पर एक के बाद एक सौ से अधिक मुकदमे दर्ज हुए। पिछले 1 साल से भी ज्यादा समय से वह जेल में बंद हैं और रामपुर में उनकी स्थापित की हुई जौहर यूनिवर्सिटी पर भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने कार्रवाइयों की बौछार लगा दी है लेकिन कोई उनकी मदद को सामने नहीं आया।
अब जब चुनाव नजदीक आ रहे हैं तो समाजवादी पार्टी जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर एक चुनावी मुद्दा तलाशने में जुटी गयी है। शायद यही वजह है कि नारा दिया जा रहा है कि 2022 में समाजवादी सरकार लाएंगे और यूनिवर्सिटी को बचाएंगे। इसी को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव 12 मार्च को जौहर यूनिवर्सिटी बचाने के नारे के साथ रामपुर से साइकिल रैली का आग़ाज़ करेंगे।
इस साइकिल रैली में अखिलेश यादव खुद भी साइकिल पर सवार होकर अपने कार्यकर्ताओं के साथ सड़कों पर उतरेंगे।
जनपद रामपुर के मौजूदा सांसद आजम खान जो सपा के कद्दावर नेता भी हैं उन पर अब तक 100 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हो चुके हैं और साथ-साथ उनकी जोहर यूनिवर्सिटी पर भी शिकंजा कसता जा रहा है इस यूनिवर्सिटी को बचाने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव रामपुर से 12 मार्च को साइकिल रैली का आगाज करेंगे।
आपको बता दें 22 जनवरी 2021 को अखिलेश यादव रामपुर पहुंचे थे। आजम खान की पत्नी ताज़ीन फातमा से मिलने और उन्होंने रामपुर में प्रेस वार्ता की थी और प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा था कि आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी को बचाने के लिए वह सब कुछ करेंगे अगर साइकिल रैली भी निकालना पड़ी तो वह भी निकालेंगे। अपने उसी वायदे को पूरा करने के लिए 12 मार्च को रामपुर से साइकिल रैली का आगाज करेंगे।
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